फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एक साल बाद सलाखों से बाहर आएगी शिखा, दूसरे केस में भी मिली जमानत

विज्ञापन
विज्ञापन
मुरादाबाद। मझोला के चर्चित ध्रुव अपहरण कांड की मास्टर माइंड आरोपी मां शिखा एक साल बाद सलाखों से बाहर आएगी। गलत नाम पते से मोबाइल सिम खरीदने के मामले में भी शिखा की जमानत अदालत से मंजूर हो गई है। मुख्य केस में आरोपी महिला को पहले ही जमानत मिल चुकी है। अब जमानतियों के कागजातों की तस्दीक के उसे जेल से रिहा हो जाएगी।
विज्ञापन

मझोला के लाइन पार रामलीला मैदान के पास रहने वाले फाइनेंस कंपनी कर्मचारी गौरव कुमार के पांच साल के बेटे ध्रुव को सात अगस्त 2020 की दोपहर को अगवा कर लिया गया था। इंटरनेट के जरिये कॉल कर गौरव से तीस लाख रुपये की फिरौती मांगी गई थी। कॉल आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया था। पुलिस की घेराबंदी के बीच आरोपियों ने ध्रुव को गाजियाबाद में मुरादाबाद आने वाली रोडवेज बस में बैठा कर गौरव को कॉल कर बताया था। इसके बाद पुलिस ने बच्चे को गाजियाबाद से बरामद कर लिया था। बच्चे को परिजनों की सुपुर्दगी में देने के बाद भी पुलिस ने अपनी जांच जारी रखी थी। 18 अप्रैल 2020 को ध्रुव कांड में नया मोड़ उस वक्त आया था जब पुलिस ने उसकी मां शिखा और तेलंगाना निवासी अशफाक खां और इमरान खां को गिरफ्तार किया था।
पुलिस ने दावा किया था कि अशफाक और शिखा के बीच प्रेम संबंध थे। शिखा ने ही प्रेमी के साथ घर बसाने को बेटे का अपहरण कराया था। इसके बाद तीनों आरोपी जेल भेज दिए गए थे। इस मामले में तीनों आरोपियों को कोर्ट से जमानत मिल चुकी है। इसके अलावा पुलिस एक और केस दर्ज किया था। इसमें आरोपी शिखा पर आरोप लगाया था कि और अशफाक और मोबाइल दुकान संचालक के खिलाफ एक केस दर्ज किया किया था, जिसमें आरोप था कि अनुचित रूप से कृष्ण गोपाल शर्मा के फोटो व आईडी का दुरुपयोग कर मोबाइल सिम एक्टिवेट कराया था। इसका इस्तेमाल बच्चे के अपहरण में किया गया था। इस मामले में जिला जज की अदालत से शिखा की जमानत नामंजूर हो गई थी। इसके बाद उसने अपने अधिवक्ता के जरिये हाईकोर्ट में जमानत के लिए प्रार्थना पत्र दाखिल किया गया था, जिस पर अदालत ने सुनवाई करते हुए जमानत दे दी है। अब जमानतियों के कागजात तस्दीक होने के बाद आरोपी महिला जेल से बाहर हा जाएगी।
विज्ञापन

फेसबुक के जरिए हुई थी अशफाक और शिखा की दोस्ती
मुरादाबाद। तत्कालीन एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने 18 अप्रैल 2020 को अपहरण कांड का खुलासा करते हए बताया था कि शिखा और अशफाक की दोस्ती फेसबुक के जरिए हुई थी। इसके बाद दोनों के बीच प्रेम संबंध हो गए थे। शिखा प्रेमी के साथ घर बसाना चाहती थी। इसलिए उसने अपने प्रेमी के हाथों की बेटे का अपहरण कराया था।
दूसरे केस में नहीं मिल रही थी जमानत
मुरादाबाद। ध्रुव अपहरण कांड में आरोपी शिखा को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई थी, लेकिन दूसरे केस में उसकी जमानत नहीं हो रहा रही थी। पुलिस ने शिखा और दुकानदार गौरव गुप्ता के खिलाफ एक केस दर्ज किया था। इसमें गलत तरीके से सिम खरीदने और बेचने का आरोप लगाया था। गौरव गुप्ता को इस मामले में पहले ही जमानत मिल चुकी है। अब हाईकोर्ट से शिखा को भी जमानत मिल गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें