रेलवे ने त्योहारी सीजन में मुरादाबाद रेल मंडल से गुजरने वाली 26 से ज्यादा ट्रेनें चलाईं। यह सभी ट्रेनें अपने गंतव्य पर समय से नहीं पहुंचीं। कुछ स्पेशल ट्रेनें तो छह से 11 घंटे तक देरी से चल रही हैं। इससे यात्रियों की परेशानी बढ़ रही है।
स्पेशल ट्रेनें यानी महंगा किराया और घंटों की देरी से गंतव्य तक पहुंचना। ऐसा हम नहीं बल्कि हर दिन परेशानी झेल रहे यात्री बोल रहे हैं। त्योहारों के मौके पर रेलवे ने मुरादाबाद रेल मंडल से गुजरने वाली 26 से ज्यादा ट्रेनें चलाईं। ये सभी ट्रेनें एक दिन भी अपने गंतव्य पर समय से नहीं पहुंचीं। कुछ स्पेशल ट्रेनें तो छह से 11 घंटे की देरी से चल रही हैं।
शुक्रवार को (04677) पटना-फिरोजपुर स्पेशल एक्सप्रेस 15 घंटे की देरी और (04009) जोगबानी-आनंद विहार स्पेशल एक्सप्रेस 11 घंटे की देरी से मुरादाबाद स्टेशन पर पहुंची। मालगाड़ियों की अधिकता, कोहरा व सामान्य ट्रेनों को प्राथमिकता के लिए स्पेशल ट्रेनों को रास्ते में रोकना पड़ रहा है। गंतव्य पर ट्रेन का रैक देरी से पहुंचने के कारण वापस चलने में भी देरी हो जाती है।
इसके कारण रोजाना सैकड़ों यात्री परेशानी का सामना कर रहे हैं। हर दिन एक्स (पहले ट्वीटर) पर यात्रियों की शिकायतों की भरमार रहती है। अधिकारी जवाब देते हैं कि ट्रैक पर ट्रेनों की अधिकता के कारण परेशानी के लिए खेद है। स्पेशल ट्रेनों में महंगे किराये व देरी से पहुंचने के कारण बहुत कम यात्री बुकिंग करा रहे हैं। जबकि कई सामान्य ट्रेनों में अब भी वेटिंग टिकट तक नहीं मिल रहे हैं।
स्पेशल ट्रेनों का किराया भी सामान्य ट्रेनों की अपेक्षा लगभग डेढ़ गुना अधिक है। मुरादाबाद से लखनऊ जाने के लिए (04006) दिल्ली-जयनगर स्पेशल एक्सप्रेस में स्लीपर क्लास का किराया 385 रुपये है। जबकि (14524) हरिहर एक्सप्रेस व (13010) दून एक्सप्रेस मुरादाबाद से लखनऊ के लिए में स्लीपर बर्थ का किराया 220 रुपये है।
ट्रेनों के लेट होने के कई कारण हैं। कोहरा व रूट पर ट्रेनों की अधिकता इन दिनों मुख्य कारणों में है। इसके अलावा कुछ रेलखंडों में ब्लॉक व मरम्मत कार्य, कैटल रन ओवर आदि के चलते ट्रेनें लेट हो जाती हैं। हमारी टीम समय पालन में सुधार के लिए तत्पर है। - सुधीर सिंह, सीनियर डीसीएम