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चर्चा में मुरादाबादी कला: पीएम ने जर्मन चांसलर को भेंट किया जिले में बना नक्काशीदार मटका, पढ़ें इसके बारे में सबकुछ

Tue, 28 Jun 2022 07:43 PM IST
आकाश दुबे अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद

सार

जर्मन चांसलर ओलाफ शोल्ज को प्रधानमंत्री मोदी की ओर से मुरादाबाद का नक्काशीदार मटका भेंट किया गया। यह ईरान से भारत आई चार सौ साल पुरानी कला बताई जाती है। नक्काशी का काम मुरादाबाद के पीरजादा मोहल्ले में होता है।
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तैयार मटके और नक्काशी करते बुजुर्ग कारीगर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जर्मनी में हुई जी-7 देशों की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सभी देश के नेताओं के लिए भारत से एक से एक नायाब तोहफे ले गए थे। जिसमें जर्मन चांसलर ओलाफ शोल्ज को प्रधानमंत्री की ओर से मुरादाबाद का नक्काशीदार मटका भेंट किया गया। नक्काशीदार मटका चार सौ साल पुराने ईरानी आर्ट का नमूना है।

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जानकारी के अनुसार, ईरानी कारीगर इस नक्काशी का इस्तेमाल तलवार के मुठिए (पकड़ने वाला हिस्सा) और तीर के नीचे के हिस्से पर करते थे। मुरादाबाद में इस नक्काशी का इस्तेमाल मटके, सुराही, पानी बोतलों समेत अन्य होम डेकोरेटिव आइटमों पर किया जाता है। नक्काशी का काम मुरादाबाद के पीरजादा मोहल्ले में होता है। इस काम से करीब बीस हजार लोग जुड़े हुए हैं।

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ऐसे तैयार किया जाता है नक्काशीदार मटका
पहले पीतल की ढलाई की जाती है और फिर छिलाई की जाती है। इसके बाद पॉलिश का काम होता है। आखिर में हाथ से नक्काशी का काम होता है। ये बहुत बारीक काम है। इसमें काफी समय लगता है। प्लेन नक्काशी भी होती है और कलर नक्काशी भी होती है।
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