कोविड प्रोटोकॉल का पालन कराने वाले खुद ही इस पर अमल नहीं करते। इसका नमूना सीएमओ कार्यालय में देखने को मिला। मंगलवार को सीएमओ कार्यालय में तैनात बाबू की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। लेकिन बुधवार को न तो किसी कर्मचारी का सैंपल लिया गया और न ही कार्यालय का सैनिटाइजेशन किया गया। जबकि कार्यालय में फरियादी आते जाते रहे।
कोविड प्रोटोकॉल के मुताबिक अगर कोई पॉजिटिव केस मिलता है तो उसके कांटेक्ट ट्रेस किए जाते हैं और संपर्क में रहे लोगों की कोविड जांच के लिए सैंपल लिए जाते है। पॉजिटिव मिलने वाले के घर या दफ्तर को सैनिटाइज करना होता है। मंगलवार को सीएमओ कार्यालय में तैनात एक बाबू संक्रमित पाया गया था। बाबू कार्यालय में इधर-उधर घूमता रहा। वहीं बुधवार को कांटेक्ट ट्रेसिंग के नाम पर किसी का सैंपल नहीं लिया गया। दफ्तर में भी सैनिटाइजेशन नहीं हुआ। दूसरी ओर इससे अंजान लोग अपनी फरियाद लेकर सीएमओ कार्यालय पहुंचते रहे। ऐसे में संक्रमण की नई चेन बन सकती है।