मुरादाबाद। कांठ में नौ साल की बच्ची से दुष्कर्म के करीब दो साल पुराने मामले में अदालत ने मुलजिम पड़ोसी को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोषी को बीस साल के कठोर कारावास और एक लाख पांच हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।
थाना कांठ में एक जून 2019 को पीड़ित बच्ची के पिता ने केस दर्ज कराया था। जिसमें वादी ने बताया था कि उसकी नौ वर्षीय बेटी पास की दुकान से सामान खरीदने गई थी। उस वक्त परचून की दुकान का स्वामी विजेंद्र मौजूद था। आरोप था कि विजेंद्र सामान देने के बहाने बच्ची को अपने घर में ले गया और बंधक बना कर उसके साथ दुष्कर्म किया।
आरोपी ने किसी को बताने पर बच्ची को जान से मारने की धमकी दी। बदहवाश बच्ची किसी तरह अपने घर पहुंची और माता-पिता को आपबीती बताई। इसके बाद आरोपी का भाई सुनील भी वादी के घर धमकी देने पहुंच गया था। वादी ने सारी घटना की जानकारी थाना कांठ में देते हुए केस दर्ज कराया था।
यह मुकदमा अपर जिला जज विशेष पोक्सो कोर्ट संख्या-3 सुभाष सिंह की अदालत में पेश हुआ। इसमें आरोपी के वकील ने दलीलें दीं कि क्षेत्र की रंजिश के चलते आरोपियों को झूठा फंसाया गया है। वहीं, सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता मोहम्मद अकरम खां ने अदालत के समक्ष वस्तुस्थिति को प्रकट करते हुए कहा कि आरोपी के खिलाफ क्षेत्र के ही आठ लोगों ने गवाही दी है, जिन्होंने घटना की पुष्टि की है।
गवाहों ने पीड़िता को आरोपी के घर से रोते हुए निकलते देखा था। वहीं दूसरे आरोपी सुनील के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिल सका। अदालत ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद आरोपी विजेंद्र को घटना का दोषी पाया गया और उसे बीस साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई है। जुर्माने के एक लाख पांच हजार रुपये में से 50 हजार रुपये प्रतिकर के रूप में पीड़िता को दिए जाएंगे। वहीं, दूसरे आरोपी सुनील को बरी कर दिया गया है।