उन्होंने कहा कि कला और संस्कृति के मामले में रामपुर का अतीत बहुत सुनहरा है। यह मिर्जा गालिब की धरती रही है। रामपुर-सहसवान घराना आज भी दुनियाभर में अपनी पहचान रखता है। दिल्ली और लखनऊ की बर्बादी के बाद रामपुर के नवाबों ने ही कलाकारों, फनकारों और अदीबों को सहारा दिया था।
उन्होंने सवालों के जवाब में कहा कि शाही दस्तरख्वान की चर्चा के बगैर रामपुर रियासत के अतीत पर कोई भी गुफ्तगू मुकम्मल हो ही नहीं सकती। यहां के नवाब मेहमान नवाज थे। यहां दिल्ली और लखनऊ से अलग पकवान बनते थे। रामपुर में मुगलई खाने नहीं खाए जाते थे। यहां के कुक और उनका हुनर बेमिसाल था। उनके हाथों में स्वाद का जादू था और आज भी रामपुर के लोग अच्छा खाना खिलाते और खाते भी हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिया राजघरानों को मान-सम्मान
गुजरात के दांता की राजकुमारी ख्याति सिंह के एक सवाल के जवाब में नवेद मियां ने प्रधानमंत्री मोदी की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि मैं इस चर्चा को राजनीतिक नहीं बनाना चाहता, लेकिन मैंने देखा है कि सिर्फ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ही एकमात्र ऐसे नेता हैं जिन्होंने खुले मंचों और खुले मन से राजघरानों की प्रशंसा की है और उनके प्रभाव को मानते हुए मान सम्मान दिया है।