आस्तीन के सांप का खुलासा जल्द करेंगे
सांसद ने कहा कि मुरादाबाद में एक बाहरी नेता आस्तीन का सांप है जो प्रदेश अध्यक्ष को दिग्भ्रमित कर पहले रामपुर ले गया था। उसी ने आने में देर करा दी और मेरा फॉर्म बी समय से नहीं मिल पाया। समय से कागज दाखिल होने पर मेरा टिकट नहीं कट सकता था। अखिलेश यादव भी उनको काफी चाहते हैं। इसी कारण उनको बगैर सिफारिश किए टिकट मिला था। आस्तीन के सांप का खुलासा वह वक्त आने पर करेंगे। देखते रहिए आगे क्या होता है।
औवैसी का कहा सच हो गया
असदुद्दीन ओवैसी ने लोकसभा में कहा था कि हसन साहब आपको अखिलेश फाॅर्म बी नहीं देंगे। वह मुस्लिम लीडरशिप को खत्म करना चाहते हैं। वह बात सच साबित हो गई। उस समय हंसी मजाक समझकर ओवैसी की बात टाल गए थे।
सांसद एसटी हसन सहित पांच लोगों के नामांकन खारिज
जिला निर्वाचन अधिकारी ने जांच के बाद सांसद डॉ. एसटी हसन सहित पांच लोगों के नामांकन पत्र खारिज कर दिए हैं। सांसद का नामांकन सपा प्रत्याशी रुचि वीरा की तरफ से दाखिल पत्र के कारण हुआ है। अन्य चार दावेदारों का नामांकन पत्र शपथ पत्र की कमियों के चलते खारिज किया गया है।
जिला निर्वाचन अधिकारी (डीएम) मानवेंद्र सिंह नामांकन पत्रों की जांच के लिए बृहस्पतिवार की सुबह नौ बजे ही कार्यालय पहुंच गए। डीएम ने नामांकन पत्र भरने वालों को अपने कागजात दुरुस्त करने के लिए 11 बजे का समय दिया था। सांसद एसटी हसन के खिलाफ सपा प्रत्याशी रुचि वीरा ने पार्टी के अध्यक्ष का पत्र सौंपा था। इसी आधार पर उनका नामांकन निरस्त किया गया।
इसी प्रकार डीएम ने भारत युग पार्टी के प्रदीप यादव, वैदिक समाजवादी पार्टी के संदीप त्रिवेदी, निर्दलीय सरताज आलम और शीशपाल को अपना अपना शपथ पत्र संशोधित करने के लिए 11 बजे का समय दिया था लेकिन निर्धारित समय पर वे शपथ पत्र प्रस्तुत नहीं कर सके। इस वजह से डीएम ने चारों के नामांकन पत्र निरस्त कर दिए। इस कार्रवाई के बाद अब 13 प्रत्याशी चुनावी मैदान में शेष रह गए हैं।
इनमें बसपा के इरफान सैफी, भाजपा के कुंवर सर्वेश कुमार, सपा की रुचि वीरा, अपना हक पार्टी के अजय यादव, राष्ट्रीय कांग्रेस (जे) पार्टी के गंगाराम शर्मा, भारतीय बहुजन समता पार्टी के ओंकार सिंह, समता पार्टी के शकील अहमद, सोशलिस्ट यूनिटी सेंटर ऑफ इंडिया (कम्युनिस्ट) के हर किशोर सिंह, निर्दलीय अमरजीत सिंह, मो. जमशेद, मुसर्रत हुसैन, निर्दलीय वकी रशीद, निर्दलीय भाजपा प्रत्याशी कुंवर सर्वेश कुमार की पत्नी साधना सिंह शामिल हैं। डीएम ने बताया कि 30 मार्च को दोपहर तीन बजे तक नाम वापसी का समय निर्धारित है। इसके बाद प्रत्याशियों को चुनाव चिह्न आवंटित किए जाएंगे। डीएम के साथ एआरओ विनय कुमार भी मौजूद रहे।