ट्यूशन पढ़ने निकले 13 वर्षीय छात्र की उसके हमउम्र लड़कों से लड़ाई हो गई। आरोप है कि तीन लड़कों ने उसे लात-घूसों पीटकर ईंट से हमला कर दिया, इसमें छात्र की मौत हो गई। पिता ने गांव के ही कुछ लोगों पर आरोप लगाया कि उन्होंने हमलावरों को उसके बेटे की जान लेने के लिए उकसाया। एफआईआर दर्ज नहीं होने पर परिजनों ने किशोर का शव दफनाने से इनकार कर दिया। उनकी मांग थी कि पहले एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी हो इसके बाद ही शव दफनाएंगे।
चमरौआ निवासी राशिद अली का पुत्र मोहम्मद रजा (13) गांव के प्राइमरी स्कूल में पांचवीं का छात्र था। रविवार सुबह आठ बजे वह ट्यूशन पढ़ने के लिए जा रहा था। घर से करीब एक किलोमीटर दूर पहुंचने पर गांव के दो किशोरों से रजा की कहासुनी हो गई। दोनों ने एक और दोस्त को बुला लिया। इसके बाद तीनों ने मिल कर मोहम्मद रजा पर हमला बोल दिया। लात, घूसों और ईंट के वार से छात्र बेहोश हो गया।
पिता का आरोप है कि हमलावरों को दो अन्य लोगों ने ललकारा कि मोहम्मद रजा जिंदा नहीं बचना चाहिए। शह पाकर हमलावरों ने उसके बेटे के पेट और सीने पर वार किए। घटना की जानकारी मिलने पर पिता राशिद और मां रुकसाना मौके पर पहुंचे तो हमलावरों ने उनको भी जान से मारने की धमकी दी। हो हल्ला सुनकर मौके पर भीड़ इकट्ठा हो गई तो हमलावर मौके से फरार हो गए। परिवार के लोग घायल छात्र को लेकर दिल्ली रोड स्थित एक निजी अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने छात्र को मृत घोषित कर दिया।
मौत की सूचना मिलने के बाद मूंढापांडे पुलिस राशिद के घर पहुंची। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस मामले में पिता ने हत्या का मुकदमा दर्ज करने के लिए सात लोगों के खिलाफ तहरीर दी है। थानाध्यक्ष हिमांशु चौहान ने बताया कि पुलिस इस मामले की गहराई से जांच कर रही है।
शव दफन करने से किया इनकार
पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया। गांव पहुंचने पर परिजनों का गुस्सा बढ़ गया। लोग इस बात पर अड़ गए कि जब तक एफआईआर दर्ज नहीं होगी और दोषियों को गिरफ्तार नहीं किया जाएगा, किशोर का शव दफन नहीं करेंगे। पुलिस ने कार्रवाई का आश्वासन दिया है।