छेड़खानी में जेल से रिहा होने के बाद किया दुष्कर्म
आरोप है कि जेल से रिहा होने के बाद अरोपी ने किसी तरह वादी के घर का पता लगा लिया। छात्रा के पिता ने बताया कि 23 अप्रैल 2018 को वह अपनी पत्नी को साथ लेकर बाहर गया था। घर में केवल नाबालिग पुत्री थी। आरोप है कि आरोपी फईम घर में घुस आया और उसने छात्रा को धमकाया कि उसके पास छात्रा का वीडियो है। इसे वह तभी डिलीट करेगा, जब वह उसकी बात मानेगी। छात्रा ने इसका विरोध किया। लेकिन आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया था। चीख पुकार सुनकर पड़ोसियों ने मौके पर आकर अरोपी फईम को दबोच लिया था, जिसके बाद उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया था।
बचाव पक्ष ने कहा- रंजिश में फंसाया गया
उक्त मुकदमे की सुनवाई विशेष पोक्सो कोर्ट संख्या तीन सुभाष सिंह की अदालत में चली। अभियोजन पक्ष की ओर से सात गवाहों ने अदालत में आकर अरोपी के खिलाफ अपने बयान दर्ज कराए। बचाव पक्ष का कथन था कि उसे झूठा व रंजिश में फंसाया गया है। सरकार की ओर से पक्ष रखते हुए विशेष लोक अभियोजक अकरम खान व सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता एमपी सिंह ने बयानों को आधार बनाते हुए बहस की। अदालत ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद आरोपी फईम को दुष्कर्म की घटना का दोषी मानते हुए उसे आजीवन कारावास की सजा के साथ उस पर 50 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है।