कारोबारी बनकर गए टीम के सदस्य
एंटी करप्शन ब्यूरो में मो. रफी ने जिला खनन अधिकारी और उनके खास कर्मचारी द्वारा घूस मांगने की शिकायत की थी। शिकायत की प्रारंभिक जांच एंटी करप्शन ब्यूरो के इंस्पेक्टर शैलेंद्र सिंह ने की थी। प्रारंभिक जांच में ही शिकायत की पुष्टि हुई थी। इसके बाद टीम के नौ सदस्य कार्यालय के आसपास लग गए थे।
एक इंस्पेक्टर और दो सिपाही खनन कारोबारी बनकर कार्यालय के अंदर घुस गए थे। उन्होंने कुर्ता पायजामा पहन रखा था। मो. रफी ने 20 हजार रुपये शाहरुख पाशा को दिए तो टीम ने उसे दबोच लिया।
मो. रफी ने सौंपी थी ऑडियो और वीडियो
मो. रफी ने खनन अधिकारी से कई बार मुलाकात की थी। वह अपना मोबाइल का कैमरा ऑन करने के बाद खनन अधिकारी के कार्यालय में जाते थे। जिसमें खनन अधिकारी और उनके कर्मचारी शाहरुख कैमरे के सामने घूस मांगते कैद हो गए थे। इसके अलावा ऑडियो में भी पैसे के लेनदेन की बात चल रही थी। मो. रफी ने बातचीत की ऑडियो और वीडियो भी एंटी करप्शन ब्यूरो के अधिकारियों को सौंपी थी।
पैसे नहीं सामान बताकर बात करना
मो.रफी ने बताया कि जिला खनन अधिकारी के कहने पर वह बाबू शाहरुख पाशा से बात करने पहुंचे। तब शाहरुख ने बातचीत तय होने के बाद कहा कि वह जब यहां पैसे देने आए तो पैसे शब्द का इस्तेमाल न करें। कुछ सामान लेकर आया हूं कहना और मैं रकम ले लूंगा। हालांकि, यह चालाकी काम नहीं आई और एंटी करप्शन टीम ने बाबू को दबोच लिया।
बरेली कोर्ट में पेश होगा आरोपी
रिश्वत लेते गिरफ्तार शाहरूख पाशा और जिला खनन अधिकारी राहुल सिंह के खिलाफ सिविल लाइंस थाने में केस दर्ज किया गया है। एंटी करप्शन टीम ने सिविल लाइंस थाने में आरोपी शाहरूख पाशा के वीडियोग्राफी बयान भी दर्ज किए हैं। केस दर्ज कराने वाले इंस्पेक्टर नवल मारवाह ने बताया कि शुक्रवार को आरोपी शाहरूख को बरेली कोर्ट में पेश किया जाएगा।