मुरादाबाद जिले में करीब साढ़े चार सौ एंबुलेंस हैं। मालिकों ने आरोप लगाया कि परिवहन विभाग गाड़ियों की फिटनेस नहीं कर रहे हैं। इसके बाद खुद ही चालान कर देते हैं। तीन दिन पहले महाराणा प्रताप चौक पर एंबुलेंस का चालान कर दिया था जबकि अंदर मरीज बैठा था।
जिलेभर के निजी एंबुलेंस चालकों और मालिकों ने हड़ताल करने का फैसला किया है। इनका कहना है कि परिवहन विभाग फिटनेस के नाम पर मनमानी कर चालान काट रहा है। जब तक मांग पूरी नहीं होगी, हड़ताल जारी रहेगी। इसके लिए शुक्रवार को अधिकारियों को ज्ञापन भी दिया जाएगा।
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एंबुलेंस चालक संजय कश्यप ने बताया कि मुरादाबाद जनपद में करीब साढ़े चार सौ एंबुलेंस हैं। परिवहन विभाग के अधिकारी गाड़ियों की फिटनेस नहीं कर रहे हैं। इसके बाद खुद ही चालान कर देते हैं। तीन दिन पहले महाराणा प्रताप चौक पर एंबुलेंस का चालान कर दिया था, जबकि अंदर मरीज बैठा था।
चालक से रुपयों की भी मांग की गई। शुक्रवार को जिलाधिकारी, एसएसपी, सीएमओ को ज्ञापन दिया जाएगा। चालक इरफान ने बताया कि कोरोना संक्रमण काल में लॉकडाउन के समय हमने सेवाएं दीं थीं। बावजूद हमारी समस्याओं के समाधान के लिए कहीं सुनवाई नहीं हो रही है।
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एंबुलेंस मालिक कमल दुबे ने बताया कि वर्ष 2020 तक 22 सौ रुपये में गाड़ियों की फिटनेस होती थी। अब 20 हजार रुपये से कम ही नहीं लग रहे हैं। इसके बाद परिवहन विभाग के अधिकारी हमारी एंबुलेंस को किसी और के नाम स्थानांतरित करवाने को कह रहे हैं। वर्ष 2021 से फिटनेस नहीं कर रहे हैं।
हमारे पास इंश्योरेंस, प्रदूषण के कागज हैं। सिर्फ फिटनेस के कागज न होने की वजह से पहले गांधी नगर में नौ हजार रुपये का चालान काट दिया था। अब फिर दस हजार 500 रुपये का चालान एंबुलेंस के पीछे से फोटो खींचकर काट दिया है, जबकि मेरी एंबुलेंस में मरीज बैठा था। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को भी सत्यापन के लिए रुपये देने पड़ते हैं।