सहकारी गन्ना विकास समिति भोजपुर के सचिव सुरेश चंद्र की तहरीर पर भोजपुर पुलिस ने केस दर्ज किया है। इसमें राणा शुगर मिल बेलवाड़ा के महाप्रबंधक गन्ना(जीएम केन) राजपाल सिंह और अध्यासी गन्ना वीर प्रताप सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
भोजपुर थाना क्षेत्र में राणा शुगर मिल बेलवाड़ा में बिना पर्ची से गन्ने की खरीदारी पकड़ी गई है। इस मामले में मिल के महाप्रबंधक और अध्यासी के खिलाफ धोखाधड़ी और गन्ना अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है।
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सहकारी गन्ना विकास समिति भोजपुर के सचिव सुरेश चंद्र की तहरीर पर भोजपुर पुलिस ने राणा शुगर मिल बेलवाड़ा के महा प्रबंधक गन्ना(जीएम केन) राजपाल सिंह और अध्यासी गन्ना वीर प्रताप सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और यूपी गन्ना पूर्ति खरीद नियामक अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है।
जिसमें समिति सचिव सुरेश चंद्र ने बताया कि 5 दिसंबर की दोपहर करीब ढाई बजे वह अपनी टीम के साथ राणा शुगर मिल के गेट पर निरीक्षण कर रहे थे। इस दौरान यार्ड में गन्ने से भरे वाहनों के पास समिति की एसएमएस पर्चियां और क्रय केंद्रों का चालान चेक किया गया।
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इस दौरान गन्ने से भरी 2 ट्रैक्टर ट्रालियों के वाहन चालकों के पास एसएमएस समिति पर्ची नहीं मिलीं। किसानों से बात की तो उन्होंने कहा कि उनके पास पर्ची नहीं हैं। उन्हें बताया गया था कि चीनी मिल से टोकन प्राप्त होगा। यह भी बताया कि उसी टोकन से गन्ना तोल लिया जाएगा और नकद भुगतान मिलेगा।
इसके बाद दोनों किसान ट्रैक्टर ट्रॉली छोड़कर भाग निकले। सचिव का आरोप है कि राणा शुगर मिल द्वारा गन्ना खरीद का अवैध कारोबार करके गन्ना समिति कृषकों का शोषण किया जा रहा है। यह भी आरोप लगाया कि बिना वैध समिति एसएमएस पर्ची के गन्ना खरीद करते हुए समिति अभिलेख में हेरफेरी कर समिति के अंशदान एवं राज्य सरकार के राजस्व की भी चोरी की जा रही है।
उन्होंने आरोप है कि राणा शुगर मिल के अध्यासी राणा वीर प्रताप सिंह एवं महाप्रबंधक (गन्ना) राजपाल सिंह इसके लिए पूरी तरह जिम्मेदार हैं। इस संबंध में भोजपुर थाना प्रभारी अमरनाथ वर्मा ने बताया कि तहरीर के आधार पर केस दर्ज किया गया है। विवेचना में जो भी तथ्य सामने आएंगे। उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।