मुरादाबाद हवाई अड्डे के उद्घाटन के साथ पीतलनगरी विकास का नया अध्याय लिखने जा रही है। एक दौर ऐसा भी था जब यहां सिर्फ हवाई पट्टी हुआ करती थी। 2014 में प्रदेश सरकार व एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के बीच हवाई पट्टी को हवाई अड्डे के रूप में विकसित करने के लिए एमओयू साइन हुआ था। इसके बाद देरी, घोटाला, निलंबन, एनओसी समेत कई बाधाएं आईं और उड़ान की उम्मीदों को पंख लगने में एक दशक लग गया। 21 करोड़ रुपये की लागत से करीब 52 हेक्टेयर भूमि पर हवाई अड्डा बनाने की मंजूरी फरवरी 2014 में मिली थी।
जनवरी 2022 में हवाई अड्डे को लाइसेंस मिल सकता था, लेकिन रक्षा मंत्रालय, गृह मंत्रालय व पर्यावरण एवं वन विभाग की एनओसी न होने के कारण लाइसेंस अटक गया। फरवरी 2023 में ये तीनों एनओसी एएआई को मिल गईं। अगस्त 2023 में रनवे के घर्षण की परीक्षण के लिए स्पेशल कार दौड़ाई गई तो घर्षण मानक से अधिक पाया गया। इससे लाइसेंस फिर अटक गया। रनवे पर परत बिछाने के बाद एएआई ने फिर डीजीसीए को पत्र भेजा गया। तमाम बाधाओं को पार कर एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के अधिकारियों की लगातार मेहनत के बाद 17 नवंबर 2023 को लाइसेंस मिला।
अब तक जिला प्रशासन को मौसम का सटीक अनुमान पंतनगर विश्वविद्यालय से मिल पाता था। हवाई अड्डे पर बने एयर ट्रैफिक कंट्रोल टावर से मौसम की सटीक जानकारी मिल सकेगी। इतना ही नहीं वहां बैठकर परिचालन टीम विमान के पायलटों को निर्देशित करने के अलावा देश के किसी भी हवाई अड्डे के एटीसी टावर में संपर्क साध सकेगी। इसकी आजमाइश कई बार की जा चुकी है। जल्द ही हवाई अड्डे पर विमान लाए जाएंगे।