डीएम के निर्देश पर एसडीएम सदर ने महिला लेखपाल सुमन को निलंबित कर दिया। आरोप है कि महिला ने आबादी की जमीन का पट्टा करने के लिए एक लाख रुपये लिए थे। बेरखेड़ा (बिलाकुदान) भगतपुर निवासी कैलाश सिंह जाटव ने डीएम को प्रार्थनापत्र देकर बताया कि आबादी की जमीन उसके नाम करने के लिए क्षेत्रीय लेखपाल सुमन ने दो साल पहले एक लाख रुपये लिए थे।
लेखपाल सुमन ने बताया कि वह कैलाश को नहीं जानती हैं। उनकी कैलाश से कोई बात नहीं की है। ढाई साल पहले उसके साथ मानपुर का एक लड़का रहता था। उसने कई लोगों से लेखपाल के नाम पर पैसे वसूले थे। इस मामले की जानकारी मिलने पर उसने युवक को हटा दिया।
उसने लेखपाल के नाम पर फर्जी साइन भी किया था। जाते समय मानपुर के युवक ने उनको फंसाने की धमकी दी थी। लेखपाल का कहना है कि जांच अधिकारी ने उनका पक्ष नहीं सुना है। यदि आरोप सही पाए गए तो वह कोई सजा भुगतने के लिए तैयार हैं लेकिन उसने कोई गलती नहीं की है।
डीएम मानवेंद्र के आने के बाद कांठ क्षेत्र के पट्टी मोढ़ा के लेखपाल वाहिद हुसैन अवैध कब्जे के आरोप में निलंबित किए गए। इसके बाद एसडीएम बिलारी ने लापरवाही के आरोप में तीन लेखपाल अनुज कुमार सिंह, प्रतापवीर और ललित गौतम को निलंबित कर दिया। इसके बाद लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष सुनील शर्मा को एसडीएम सदर ने निलंबित किया। छठवें लेखपाल के रुप में सुमन को निलंबित किया गया है।