मुरादाबाद। रोडवेज बस स्टेशन के सामने दुकान चलाने वाले दुकानदारों की रोजी-रोटी के संबंध में विधायक रितेश गुप्ता डीआरएम अजय आनंद से मिले। उन्होंने रेलवे की ओर से जारी किए गए नोटिस के संबंध में दुकानदारों की ओर से पक्ष रखा। साथ ही बेदखली की कार्रवाई रुकवाने और लाइसेंस शुल्क जमा कराकर लाइसेंस नवीनीकरण की प्रक्रिया शुरू कराने की मांग रखी।
एक सप्ताह पहले रेलवे की ओर से रोडवेज बस अड्डे के सामने से डबल फाटक पुल तक 143 दुकानदारों हटाने का नोटिस दिया गया है। रेलवे ने इसके लिए सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन का हवाला दिया था। जिसमें कहा था कि दुकानदार कब्जा नहीं हटाएंगे तो रेलवे पुलिस बल की मदद से हटा दिया जाएगा। नगर विधायक रितेश गुप्ता शनिवार को दुकानदार और व्यापारियों को साथ लेकर डीआरएम अजय आनंद से मिले। उन्होंने दुकानदारों और व्यापारियों का पक्ष रखा। इस संबंध में एक ज्ञापन भी सौंपा। ज्ञापन में उन्होंने बताया कि मुरादाबाद रेल प्रबंधक मुरादाबाद कार्यालय के भूमि प्रबंध अनुभाग में पूर्वोत्तर रेलवे इज्जत नगर बरेली में दुकानों का लाइसेंस शुल्क 2002-2005 तक जमा किया गया है। पहले यहां पूर्वोत्तर रेलवे का सिटी स्टेशन होता था। 47 साल से दुकानें चल रही हैं। दिसंबर 2001 में भूमि पूर्वोत्तर रेलवे द्वारा उत्तर रेलवे स्थानांतरित की गई, लेकिन भूमि से संबंधित प्रपत्र मुरादाबाद रेल मंडल को उपलब्ध नहीं कराए थे।
ज्ञापन में कहा गया था कि सभी दुकानदारों के प्रपत्रों का अवलोकन कर वर्ष 2002 से रेल मंत्रालय के आदेश अनुसार शुल्क की गणना कर सूचित करने की कृपा करें। जिससे दुकानदार लाइसेंस शुल्क जमा करा सकें। उन्होंने बेदखली कार्रवाई रुकवाने और लाइसेंस शुल्क जमा कराने व नवीनीकरण की मांग रखी है। उन्होंने दुकानदारों से संबंधित साक्ष्य व प्रपत्र सौंपे। इस डीआरएम ने प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर जांच करवाने का आश्वासन दिया। डीआरएम अजय आनंद का कहना है कि नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
नगर विधायक रितेश गुप्ता शनिवार दोपहर दुकानदार और व्यापारियों को साथ लेकर डीआरएम अजय आनंद से मिले। उन्होंने रेलवे की ओर से जारी किए गए नोटिस के संबंध में दुकानदारों की ओर से पक्ष रखा। उन्होंने बेदखली की कार्रवाई रुकवाने और लाइसेंस शुल्क जमा कराकर लाइसेंस नवीनीकरण की प्रक्रिया शुरू कराने की मांग रखी।