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संभल के किसान की हत्या में दो सगे भाइयों समेत तीन को आजीवन कारावास

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मुरादाबाद। संभल जनपद के बहजोई क्षेत्र में सात साल पहले हुई किसान की हत्या के मामले में बुधवार को एडीजे-पंचम की अदालत ने फैसला सुनाया। अदालत ने दो सगे भाइयों समेत तीन मुलजिमों को दोषी करार देते हुएआजीवन कारावास की सजा सुनाई है, जबकि प्रत्येक पर पचास-पचास हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
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संभल जनपद के बहजोई थाने में मंडनपुर निवासी छोटे लाल ने 9 जुलाई 2014 को केस दर्ज कराया था। जिसमें बताया था कि घटना वाले दिन से करीब पांच माह पहले गांव के ही बनवारी, उसका भाई सुरेश शराब पीकर गाली-गलौच कर रहे थे। जिनको रोकने पर वादी के भतीजे रामेश्वर (28) का झगड़ा हो जाएगा। झगड़े के बाद बनवारी अपनी रिशेतदारी में चला गया था। 9 जुलाई 2014 को वादी अपने भतीजे रामेश्वर के साथ पास के ही गांव मैथरा से दावत खा कर साइकिल से घर लौट रहा था। उनके साथ दूसरी साइकिल पर गांव के ही गंगा चरण व नेगपाल भी चल रहे थे। शाम करीब साढ़े चार बजे बनवारी, सुरेश और नन्हें पीछे से बाइक से आ गए और सुरेश ने तमंचा निकालकर रामेश्वर की कनपटी पर गोली मार दी थी। जिससे रामेश्वर की मौके पर ही मौत हो गई थी।
पुलिस ने केस की तफ्तीश पूरी करने के बाद अदालत में आरोप पत्र दाखिल कर दिया था। जिसकी सुनवाई अपर जिला जज पंचम ज्ञानेंद्र सिंह यादव की अदालत में हुई। जिसमें बचाव पक्ष का कथन था कि उन्हें झूठा फंसाया गया है। गांव की रंजिश के चलते मुकदमा दर्ज किया गया है। वहीं सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता कौशल गुप्ता ने बचाव पक्ष का विरोध करते हुए कहा कि आरोपी होली से ही मृतक से रंजिश रखे हुए थे।
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आरोपी मौके की तलाश में थे। जिन्होंने मौका पाकर रामेश्वर की हत्या कर दी। जिसे अपनी आंखों से मौके के गवाह गंगाचरण व नेगपाल ने देखा है। साथ ही सुरेश ने वो तमंचा भी रिमांड के दौरान बरामद कराया था। जिससे हत्या की गई थी। तमंचा धर्मपुर गांव के शमशान घाट के पास से बरामद किया गया था। अदालत ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद आरोपियों को हत्या का दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा के साथ साथ प्रत्येक पर पचास हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
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