सिंचाई विभाग द्वारा रामगंगा पर शहर को संभावित बाढ़ के खतरे से बचाने के लिए बनाए जाने वाले तटबंध के लिए कमिश्नर के निर्देश पर नदी किनारे अतिक्रमण कर अथवा अवैध रुप से किये गए करीब छह सौ और निर्माण चिह्नित किये गए हैं। सात और आठ सितंबर को इस अतिक्रमण को ढहाने के लिए जिला प्रशासन फिर अभियान शुरू करेगा। इसकी सभी तैयारी पूरी कर ली गई है। अतिक्रमणकारियों को नोटिस आदि भी भेजे जा रहे हैं।
सिंचाई विभाग द्वारा रामगंगा पर शहर को संभावित बाढ़ के खतरे से बचाने के लिए बनाए जाने वाले तटबंध के लिए कमिश्नर के निर्देश पर नदी किनारे अतिक्रमण कर अथवा अवैध रुप से किये गए करीब छह सौ और निर्माण चिह्नित किये गए हैं। सात और आठ सितंबर को इस अतिक्रमण को ढहाने के लिए जिला प्रशासन फिर अभियान शुरू करेगा। इसकी सभी तैयारी पूरी कर ली गई है। अतिक्रमणकारियों को नोटिस आदि भी भेजे जा रहे हैं।
जेसीवी मशीनों के साथ ढहाने का काम
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रामगंगा नदी पर तटबंध बनाया जाना प्रस्तावित है। लेकिन रामगंगा किनारे सिंचाई विभाग, नगर निगम और ग्रीन बेल्ट की भूमि में काफी निर्माण कार्य हो चुका है। उसके हटने के बाद ही इस पर कार्य शुरू हो सकेगा, लिहाजा कमिश्नर ने सख्ती के साथ अवैध कब्जों व निर्माण को हटाने के निर्देश दिये हैं। पिछले दिनों दो दिन तक सिंचाई, राजस्व, पुलिस और नगर निगम प्रशासन ने भारी पुलिस बल, पीएसी, प्रवर्तन दल तथा कई जेसीवी मशीनों के साथ मौके पर पहुंच कर करीब 100 पक्के निर्माण और अवैध कब्जों को ढहाने का काम किया था।
अतिक्रमण हटाओ अभियान शुरू
इसके बाद अभियान रोक दिया गया था। अधिशासी अभियंता बाढ़ खंड एपी सिंह ने बताया कि सात और आठ मार्च को फिर से अतिक्रमण हटाओ अभियान शुरू किया जाएगा। एई सुभाष चंद्रा ने बताया कि करीब छह सौ ऐसे अवैध कब्जे व निर्माण हैं जो सिंचाई विभाग, नगर निगम और नदी के निकट की ग्रीन बेल्ट में बनाए गए हैं। इन सभी अवैध कब्जों को हटाने का कार्य कमिश्नर के निर्देश पर गठित संयुक्त टीम करेगी। उन्होंने कहा कि इसके लिए अवैध कब्जों को चिह्नित किया जा चुका है। संबंधितों को नोटिस भी जारी की जा रही है।