अमरोहा के मोहम्मद शमी ने वर्ल्ड कप में न्यूजीलैंड के खिलाफ मिले मौके को जमकर भुनाया। उन्होंने दस ओवरों में पांच विकेट लेकर साबित कर दिया कि वह कितने शानदार गेंदबाज हैं। उनकी गेंदबाजी को देखकर अमरोहा वासी भी जमकर उत्साह मनाते रहे।
भाई अस्सलाम वालेकुम... वालेकुम सलाम... खुदा तरक्की दे, कैसे हो शमी। अच्छा हूं भाई, कल (रविवार) टीवी पर आप मुझे गेंदबाजी करते देख सकेंगे। कल (शनिवार) शाम तक नहीं पता था कि मैं न्यूजीलैंड के खिलाफ खेलूंगा। अरे वाह, जाओ खेलो और छा जाओ। यह बातचीत टीम इंडिया के स्टार गेंदबाज मोहम्मद शमी और उनके बड़े मोहम्मद हसीब के बीच फोन पर हुई।
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क्रिकेटर मोहम्मद शमी बड़े भाई मोहम्मद हसीब पाकबड़ा के सुपरटेक अपार्टमेंट में रहते हैं। हसीब के मुताबिक, मैच से एक दिन पहले शनिवार शाम तक मोहम्मद शमी को नहीं पता था कि वह न्यूजीलैंड के खिलाफ मैच में खेलेंगे।
रात में मैंने शमी को फोन किया तो उसने खुशखबरी सुनाई। मैंने कहा कि जाओ खेलो और छा जाओ। ये बात सच साबित हुई। न्यूजीलैंड के खिलाफ मैच में शमी घातक गेंदबाजी कर छा गए। उन्होंने पांच विकेट झटके, जिसमें तीन बल्लेबाजों को क्लीन बोल्ड किया और दो कैच आउट कराए।
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रविवार को विश्वकप में भारतीय टीम के साथ पांचवें मैच में उन्हें मैदान में उतरने का मौका मिला था। हसीब ने बताया कि टीम शानदार लय में चल रही है तो बदलाव की आवश्यकता भी नहीं रही। दुर्भाग्यवश हार्दिक को चोट लग गई और शार्दुल को भी बाहर बैठना पड़ा। टीम में बदलाव हुआ तो शमी को जगह मिली।
उसने अच्छा प्रदर्शन किया है। हालांकि हमारी जब भी फोन पर बातचीत हुई तो विश्वकप ट्रॉफी को भारतीय टीम के हाथों में देखने पर ही चर्चा हुई। यह जिक्र कभी नहीं आया कि खेलने का मौका कब मिलेगा। चूंकि यहां भारतीय टीम की जीत से बढ़कर कुछ नहीं।
हसीब ने बताया कि घातक गेंदबाजी देखने के बाद शमी के फोन पर बधाई संदेश भेज दिया है। अब जब भी उन्हें समय मिलेगा वह देख लेंगे। टीम के प्रोटोकॉल में अनुमति होगी तो बात भी करेंगे।
शमी के पंजे में फंसे कीवी, झूम उठे अमरोहावासी
अमरोहा के मोहम्मद शमी ने वर्ल्ड कप में न्यूजीलैंड के खिलाफ मिले मौके को जमकर भुनाया। उन्होंने दस ओवरों में पांच विकेट लेकर साबित कर दिया कि वह कितने शानदार गेंदबाज हैं। उनकी गेंदबाजी को देखकर अमरोहा वासी भी जमकर उत्साह मनाते रहे। जैसे ही उन्होंने अपने आखिरी ओवर में पांचवां विकेट लिया तो लोगों ने जश्न मनाना शुरू कर दिया। हालांकि, न्यूजीलैंड की टीम ने अपनी पारी के दौरान 273 रन बनाए।
जिले के डिडौली थाना क्षेत्र के गांव सहसपुर अली नगर गांव निवासी मोहम्मद शमी ने क्रिकेट अपनी अलग पहचान बनाई। रविवार को वर्ल्ड कप में न्यूजीलैंड के खिलाफ हुए मैच में उन्होंने खुद को साबित कर दिखाया। उन्हें वर्ल्ड कप के लिए भारतीय टीम में शामिल तो किया गया, लेकिन शुरू के चार मैचों में उन्हें जगह नहीं मिल सकी। हार्दिक पांड्या और शार्दुल ठाकुर के बाहर होने के चलते उन्हें रविवार को न्यूजीलैंड के खिलाफ खेलने का मौका मिला।
उन्होंने पहले ही ओवर पहली गेंद पर विल यंग को बोल्ड करते हुए अपना खाता खोला और अपनी अहमियत दर्ज कराई। एक तरफ जहां अन्य गेंदबाज विकेट के लिए तरस रहे थे और रन लुटा रहे थे। वहीं मोहम्मद शमी ने किफायती गेंदबाजी की। उन्होंने अपने दस ओवरों में 54 रन देकर न्यूजीलैंड की आधी टीम को आउट किया। उधर, उनके द्वारा लिए जा रहे विकेटों को देख अमरोहावासी भी खुशी से झूमते रहे।
शमी ने अपने नौवें ओवर में लगातार दो विकेट लिए तो लोग हैट्रिक लेने के लिए दुआ करने लगे। लेकिन, हैट्रिक न होने से उन्हें निराशा हुई। उधर, शमी के परिवार में भी खुशी का माहौल है। शमी के छोटे भाई कैफ का कहना है कि यह देश के लिए गौरव की बात है। मोहम्मद शमी ने जिस तरह का प्रदर्शन किया है। उससे उन्होंने सभी का दिल जीत लिया है। उन्होंने साबित कर दिया है कि वह टीम के लिए कितने महत्वपूर्ण हैं।