आरोपी ने भतीजे और बहू की हत्या के दौरान उनके सिर और सीने पर भी चाकू से हमले किए। दोहरे हत्याकांड को अंजाम देने के बाद घर में ही खून से सने हाथ-पैर धोए। इसके बाद आरोपी सो गया। रविवार सुबह करीब सात बजे वह मानपुर चौकी पहुंचा और दोनों की हत्या की बात कबूल की।
मुरादाबाद के भगतपुर के परशुपुरा बाजे गांव में शनिवार रात करीब तीन बजे निजी स्कूल के शिक्षक प्रशांत कुमार (40) ने अपने सगे भतीजे वरुण कुमार उर्फ गोलू (22) और उसकी सात माह की गर्भवती पत्नी बबीता (20) की चाकू से गला रेतकर हत्या कर दी। दोनों के बीच संपत्ति के बंटवारे को लेकर विवाद चल रहा था। हत्यारोपी चाचा ने रविवार सुबह सात बजे मानपुर चौकी पहुंचकर सरेंडर कर दिया।
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वरुण कुमार भगतपुर क्षेत्र में ही मोबाइल की दुकान पर नौकरी करता था। दो साल पहले उसकी शादी चंदौसी निवासी बबीता के साथ हुई थी। वरुण के पिता प्रबल सिंह और मां ममता का पहले ही निधन हो चुका है। दोनों परिवार एक ही परिसर में बने मकानों में रहते हैं। शनिवार देर रात करीब तीन बजे प्रशांत ने भतीजे व बहू की सोते समय हत्या कर दी।
रिश्तों का कत्ल करके सो गया आरोपी
आरोपी ने भतीजे और बहू की हत्या के दौरान उनके सिर और सीने पर भी चाकू से हमले किए। दोहरे हत्याकांड को अंजाम देने के बाद घर में ही खून से सने हाथ-पैर धोए। इसके बाद आरोपी सो गया। रविवार सुबह करीब सात बजे वह मानपुर चौकी पहुंचा और दोनों की हत्या की बात कबूल की।
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दोहरे हत्याकांड को अंजाम देने वाले प्रशांत कुमार ने चार दिन पहले ही डायरी में लिख दिया था कि वह भतीजे वरुण और उसकी पत्नी बबीता की हत्या करेगा। आरोपी ने पुलिस पूछताछ में ये बात कबूली है। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर डायरी बरामद कर ली है।
आरोपी ने पुलिस पूछताछ में बताया कि उसके पिता राजेंद्र सिंह सेवानिवृत्त शिक्षक हैं। भतीजा उन्हें अपने साथ रखता था। पेंशन का पैसा भी वरुण ही खर्च कर रहा था। इसके अलावा वरुण आधी संपत्ति मांग रहा था। वरुण और बबीता की हत्या के बाद वह पूरी संपत्ति का मालिक बन जाएगा। पिता की पेंशन भी उसे मिलने लगेगी।
चार दिन पहले उसने डायरी में लिखा था कि वह दोनों की हत्या करेगा। इसके लिए उसने रात का वक्त ही चुना था। ताकि किसी को कुछ पता नहीं चल सके। दो दिन पहले भी चाचा भतीजे में मकान में बंटवारे को लेकर झगड़ा हुआ था।
उस वक्त तो गांव के लोगों ने दोनों का समझाकर शांत करा दिया था। इसके बाद प्रशांत मौके की तलाश में जुटा था। शनिवार रात बजे वह अपने घर से निकला और भतीजे के कमरे में पहुंच गया। दोनों की हत्या करने के बाद अपने घर में आकर सो गया था।
कंबल में उलझ गए थे वरुण और बबीता
प्रशांत ने पुलिस पूछताछ में बताया कि वरुण और बबीता कंबल में सो रहे थे। आरोपी ने बताया कि कंबल के ऊपर ही दोनों पर चढ़ गया था। इसके बाद उसने चाकू से दोनों पर ताबड़तोड़ हमले कर दिए थे। कंबल में दोनों उलझ गए थे। जिस कारण उन्हें बचने का मौका नहीं मिल पाया। था। आरोपी ने दोनों की गर्दन, सीने और सिर पर हमले किए थे।
तीन बजे दादा ने सुनी थी आहट
वरुण कुमार के दादा राजेंद्र सिंह सेवानिवृत्त शिक्षक हैं। उनकी उम्र 84 साल है। वह दृष्टिहीन हैं। राजेंद्र ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि रात करीब तीन बजे उन्हें आहट हुई थी कि दरवाजे पर कोई है। लेकिन वह कुछ देख नहीं पाए थे। उन्होंने ये कहा था कि कौन है दरवाजे पर। इसके बाद किसी ने कोई जवाब नहीं दिया। इसके बाद वह सो गए थे।