उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले में दहेज हत्या के मुकदमे में न्यायालय ने पति सहित ससुराल पक्ष के चार लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। इसके साथ ही चारों पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। आरोपियों ने विवाहिता को आग लगाकर मार डाला था। सभी दोषी जेल में बंद थे।
दहेज हत्या की यह घटना वर्ष 2016 में सैदनगली थानाक्षेत्र के नीचे वाला तरारा गांव की है। संभल के केशोपुर मंडी निवासी रूपराम सिंह की बेटी मैना की शादी वर्ष 2010 में नीचे वाला तरारा निवासी इंद्रपाल के साथ हुई थी।
मायके पक्ष का आरोप था कि ससुराल वाले महिला को दहेज के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित करते थे। 24 नवंबर 2016 को ससुराल वालों ने महिला को कमरे में बंद कर मिट्टी का तेल छिड़ककर आग लगा दी थी। उसके चीखने चिल्लाने की आवाज सुनकर स्थानीय लोगों ने आग बुझाकर उसे बचाया था।
बुरी तरह झुलसी महिला की एक दिसंबर 2016 को अस्पताल में मौत हो गई थी। इस संबंध में मृतक के पिता ने पति इंद्रपाल, जेठ रामकेश, सास प्रेमवती और जेठानी होशियारी के खिलाफ दहेज हत्या की एफआईआर दर्ज कराई थी। पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
वहीं, दहेज हत्या का यह मुकदमा अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश त्वरित स्वपन दीप सिंघल की अदालत में विचाराधीन था। सोमवार को मामले में सुनवाई हुई। अभियोजन पक्ष की तरफ से जिला शासकीय अधिवक्ता संजीव कुमार ने पैरवी की। साक्ष्य और सबूतों के आधार पर न्यायालय ने चारों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।