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संस्कृति विभाग की प्रतियोगिता में छाई मुरादाबाद की रामलीला, लखीमपुर खीरी की टीम दूसरे पायदान पर

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मुरादाबाद के पंचायत भवन सभागार में संस्कृति विभाग द्वारा रामायण विषय पर आयोजित प्रतियोगिता में - फोटो : CITY
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मुरादाबाद। पंचायत भवन में संस्कृति विभाग की ओर से आयोजित मंडलीय सांस्कृति प्रतियोगिता में रामलीला के रंग बिखरे। विभिन्न स्थानों से आए कलाकारों ने रामलीला के विभिन्न प्रसंगों पर मंचन किया और पीछे से संवाद प्रस्तुत किए गए। दुनियाभर में अपनी रामलीला की अलग शैली के लिए प्रसिद्ध मुरादाबाद के कलाकारों ने प्लेबैक रामलीला में भी बाजी मारी। जबकि दूसरे स्थान पर लखीमपुर खीरी और तीसरे पर चंदौसी की टीम रही। विजेताओं के नाम प्रदेश स्तर पर होने वाली प्रतियोगिता के लिए भेजे जाएंगे।
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प्रतियोगिता अपर आयुक्त प्रशासन की अध्यक्षता में हुई। प्रतियोगिता का विषय रामायण था। इसमें कुल सात टीमों ने भाग लिया। इनमें चार टीमें मुरादाबाद, दो चंदौसी और एक लखीमपुर खीरी की थी। टीमों ने रामायण के विभिन्न प्रसंगों पर प्लेबैक और परंपरागत ढंग से मंचन किया। प्रत्येक टीम को 20 मिनट का समय दिया गया था। टीमों ने सीता हरण, धनुष यज्ञ, सीता स्वयंवर, श्रवण कुमार की कथा आदि का भावपूर्ण मंचन किया।
शाम साढे़ छह बजे तक चली प्रतियोगिता में चयन समिति ने मुरादाबाद की नमिता अग्रवाल एंड पार्टी के कलाकारों को प्रथम स्थान दिया। इस टीम ने प्लेबैक रामलीला की प्रस्तुति दी। दूसरे स्थान पर लखीमपुर खीरी की आनंद अग्निहोत्री पार्टी के कलाकार रहे। उन्होंने रामलीला में पंचवटी की लीला का मंचन किया। तीसरे स्थान पर चंदौसी की तेजेंद्र गुप्ता एंड पार्टी के कलाकार रहे। इन्होंने लोक रामलीला में केवट संवाद का अनूठे अंदाज में मंचन किया। निर्णायक मंडल में टीएमयू के विपिन जैन, आकाशवाणी से महेश शर्मा, दूरदर्शन से अविनाश, डॉ. सुशील शर्मा, गोकुलदास गर्ल्स डिग्री कालेज की डॉक्टर रेनू शर्मा, डॉ. प्रीति पांडे, संस्कृति प्रदर्शनी से पवन त्यागी और समिति के पदेन सचिव उपनिदेशक सूचना जहांगीर अहमद आदि शामिल रहे।
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मुरादाबाद को पहली बार मिला मौका
कार्यक्रम का संचालन करते हुए संस्कृति विभाग के प्रतिनिधि डा. पंकज दर्पण अग्रवाल ने बताया कि इस प्रतियोगिता में पहली बार रामलीला विषय को शामिल किया गया है। इस विषय पर प्रतियोगिता के लिए प्रदेश में केवल अयोध्या और मुरादाबाद जिले को ही चयनित किया गया था। मुरादाबाद में पहली बार संस्कृति विभाग की यह प्रतियोगिता हुई है जो जिले के लिए गौरव की बात है।
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