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फिल्म हेराफेरी की तर्ज पर ठगी करने वाले गिरोह का सरगना गिरफ्तार

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मुरादाबाद। करीब 22 साल पहले रिलीज हुई अभिनेता अक्षय कुमार और सुनील शेट्टी की चर्चित फिल्म हेराफेरी की तर्ज पर ठगी करने वाला गिरोह का सरगना पुलिस के हत्थे चढ़ गया, जिस तरह फिल्म में लोगों को चपत लगाते दिखा गया है। ठीक उसी तर्ज पर ये गिरोह लोगों को मोटा मुनाफा कमाने का लालच देकर अपनी कंपनी में रकम लगाकर कराकर ठगी करता था। आरोपियों ने मुरादाबाद के अलावा अन्य शहरों में भी ठगी की घटनाएं की हैं। गिरोह में सरगना की पत्नी, उसका दोस्त और दोस्त की पत्नी शामिल है।
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एसएसपी बबलू कुमार ने बुधवार को पुलिस लाइन में ठगी करने वाले गिरोह का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि 18 फरवरी को मझोला के आजाद नगर निवासी प्रोफेसर डॉक्टर जैनुल आबिदीन ने मझोला थाने में कानपुर देहात के तुलसी नगर निवासी अनुराग चतुर्वेदी, उनकी पत्नी इंदु कमल और बरेली जनपद के संजय नगर थानाक्षेत्र के अशोक नगर निवासी धर्मेंद्र कुमार और उनकी पत्नी मंजू कुमारी के खिलाफ केस दर्ज कराया गया है, जिसमें डॉ. जैनुल ने बताया कि बीस सितंबर 2020 में चारों आरोपी उनके घर आए और मुलाकात की थी।
आरोपियों ने बताया कि वह बरेली के सीबीगंज थानाक्षेत्र के महेशपुरा में हम एक कंपनी चलाते हैं। आलोक ने खुद को कंपनी का सीईओ बताया था। आरोपियों ने कहा था कि हमारी कंपनी सर्फ, क्लीनर, हैंडवॉस, सैनिटाइजर समेत अन्य प्रोडेक्ट क्रय व विक्रय करती है। आरोपियों ने 47 लाख 68 हजार रुपये जैनुल से अपने खातों में ट्रांसफर करा लिए थे। एसएसपी ने इस घटना के खुलासे के लिए मझोला थाने की पुलिस के अलावा सर्विलांस और एसओजी भी लगाई थी। पुलिस ने मुख्य आरोपी अनुराग को जौनपुर से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने पुलिस पूछताछ में कबूला है कि उसने गोरखपुर, गोंडा, बरेली, संत कबीरनगर, बदायूं में भी इस तरह की ठगी की घटनाएं की हैं। गिरोह में आरोपी की पत्नी पत्नी इंदु कमल और इसका साथी धर्मेंद्र और उसकी पत्नी मंजू कुमारी भी है। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह एक शहर में ठगी करने के बाद अपना दफ्तर दूसरे शहर में शिफ्ट कर लेते हैं। यहां लोगों को मोटा मुनाफा कमाने का झांसा देकर उन्हें अपने जाल में फंसा लेते हैं। इसके बाद दफ्तर बंद कर किसी दूसरे शहर में चले जाते हैं। पुलिस ने बुधवार शाम आरोपी को अदालत में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।
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50 लोगों से ठग चुके हैं दस करोड़ रुपये
मुरादाबाद। पुलिस की जांच पड़ताल में सामने आया है कि शातिर गिरोह 2018 से सक्रिय है। आरोपी नामी कंपनी के प्रोडक्ट बेचने, चिटफंड कंपनी चलाने और युवकों को नौकरी लगाने समेत तरह तरह के झांसा देकर ठगी करते हैं। आरोपी अपनी पत्नी, दोस्त व उसकी पत्नी अब तक पचास लोगों से करीब दस करोड़ रुपये ठग चुके हैं, लेकिन पुलिस आरोपी से एक भी रुपया बरामद नहीं करा सकी और न ही उसके खाते से रकम रिकवरी हुई।
पहले भी जेल जा चुका है आरोपी
मुरादाबाद। पुलिस के हत्थे चढ़ा शातिर आरोपी अनुराग बीकॉम पढ़ा है। कुछ साल पहले आरोपी नौकरी लगवाने के नाम पर ठगी करने के आरोप में कानपुर में पकड़ा गया था, तब पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया था। जेल से रिहा होने के बाद फिर से लोगों से ठगी करने लगा था।
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