मुरादाबाद। जानलेवा हमले के मामले में प्रधान समेत चार आरोपियों को अदालत ने दोषी करार देते हुए हुए दस-दस साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 13,500 रुपये का जुर्माना भी लगाया।
थाना मैनाठेर में मुजाहिद निवासी मुंडी मिलक हिसामपुर ने 7 अक्तूबर 2006 को मुकदमा दर्ज कराया। जिसमें कहा था कि गांव के तत्कालीन ग्राम प्रधान संजाब के खिलाफ सरकारी धन को गबन करने की अंतिम जांच करने के लिए सरकारी अधिकारी व कर्मचारी आये थे। जो ग्रामवासियों के बयान ले रहे थे। बयान देने के बाद जब वह लोग अपने घर वापस लौट रहे थे, तब रास्ते में हाफिज, प्रधान संजाब ने हमे रोक लिया और गाली देने लगे। मना करने पर जब इन्हें गाली देने से रोका तो इनके साथ मौजूद मुकर्रब ने तबल से हमला कर दिया और संजाब ने लाइसेंसी दो नाली बंदूक से फायर करने शुरू कर दिए। इनके साथ मुन्नन, वर्तमान प्रधान सालिम, आमिल, उवैश ने मिलकर मुजाहिद के भाई मुशर्रफ और बेटे मुकर्रब को जान से मारने की नीयत से हमला बोल दिया। इस मामले में पुलिस ने संजाब, सालिम(वर्तमान प्रधान), आमिल और उवैश निवासीगण ग्राम मुंडी मिलक को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। यह मुकदमा फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या तीन माधवी सिंह की अदालत में सुना गया। वादी की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता सुरेंद्र सिंह ने दलील रखीं जिन्हें बचाव पक्ष का वकील गलत साबित नहीं कर पाया। अदालत ने दोनों पक्षो की बहस सुनने के बाद चारों को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई। दोषियों को जेल भेज दिया गया।