पंचायत चुनावों के लिए जिले के आठ ब्लॉक प्रमुख पदों पर सीटों का आरक्षण जारी कर दिया गया है। जिले में आठ में से चार ब्लॉक आरक्षित रखे गए हैं। एक पद ओबीसी, एक पद एससी तथा एक ओबीसी महिला के लिए आरक्षित हुआ है। जबकि एक पद केवल महिला के लिए आरक्षित है। सबसे खास बात है कि 1995 के बाद से पहली बार बिलारी ब्लॉक प्रमुख पद अनारक्षित किया गया है। डिलारी ब्लॉक चौथी बार अनारक्षित रहा है जबकि भगतपुर टांडा सीट पहली बार एससी महिला पद के लिए आरक्षित हुई है।
आरक्षण को लेकर कई दिनों से जिला पंचायत भवन में पंचायत राज विभाग की तैयारियां चल रही थीं। शासन की गाइडलाइन के अनुसार क्षेत्र पंचायत, जिला पंचायत और ग्राम पंचायत सीटों के लिए आरक्षण का काम चल रहा था। मंगलवार शाम डीएम राकेश कुमार सिंह के साथ आरक्षण समिति की बैठक में डीएम की अनुमति से ब्लॉक प्रमुख पदों के आरक्षण की सूची जिला पंचायत राज अधिकारी राजेश सिंह द्वारा जारी कर दी गई।
1995 के बाद से अब अनारक्षित हुआ बिलारी ब्लॉक प्रुमुख पद
बिलारी: ब्लॉक प्रमुख पद 1995 से आज तक किसी ना किसी वर्ग के लिए आरक्षित रहा है। पांच में से तीन बार यह सीट ओबीसी, एससी और महिला के लिए आरक्षित रही थी जबकि दो बार ओबीसी के लिए इसलिए इस बार पूूरे कयास लगाए जा रहे थे कि ये सीट अनारक्षित की श्रेणी में आएगी और हुआ भी ऐसा। 26 साल बाद इस पद पर अनारक्षित वर्ग का प्रत्याशी काबिज होगा।
चौथी बार अनारक्षित रहा डिलारी ब्लॉक प्रमुख पद
डिलारी : ब्लॉक प्रमुख पद लगातार चौथी बार अनारक्षित श्रेणी में रखा गया है। 1995 से अब तक का रिकार्ड देखें तो 1995 में यह सीट महिला और वर्ष 2000 में ओबीसी के लिए आरक्षित हुई थी। इसके बाद लगातार ये अनारक्षित हो रही है।
मुरादाबाद : ब्लॉक आज तक ओबीसी महिला के लिए नहीं हुआ आरक्षित
मुरादाबाद ब्लॉक में पिछले पांच चुनावों में अभी तक भी ओबीसी महिला के लिए आरक्षित नहीं हुई है। यह ब्लॉक दो बार अनारक्षित रह चुका है जबकि ओबीसी ,एससी महिला और महिला पद के लिए आरक्षित हो चुकी है। इस बार यह ब्लॉक अनारक्षित हुआ है।
पहली बार एससी महिला के लिए आरक्षित हुई भगतपुर टांडा
भगतपुर टांडा - ब्लॉक पहली बार एससी महिला के लिए आरक्षित हुआ है। 1995 से अब तक यह सीट पांच चुनाव में तीन बार अनारक्षित रह चुका है जबकि एक बार ओबीसी और एक बार महिला पद के लिए आरक्षित रही। इस बार दावेदारों को पूरी उम्मीद थी कि यह सीट एससी महिला में आएगी और यह कयास सच साबित हुए।
छजलैट में इस बार भी रहेगा महिला का कब्जा
छजलैट -ब्लॉक प्रमुख पर इस बार भी महिला ही काबिज होगी। 1995 से अब तक यह सीट केवल वर्ष 2000 में ही अनारक्षित रही थी। पिछले तीन चुनाव से किसी ना किसी वर्ग की महिला के लिए ही यह ब्लॉक प्रमुख पद आरक्षित हो रहा है। इस बार भी यह महिला पद के लिए आरक्षित हुआ है। यानी लगातार चौथी बार यहां महिला का राज होगा।
ठाकुरद्वारा: ओबीसी महिला के लिए पहली बार हुई आरक्षित
ठाकुर द्वारा सीट के लिए खास बात ये है कि यह सीट पिछले पांच चुनावों में एक बार भी ओबीसी महिला के लिए आरक्षित नहीं हुई है। दो बार अनारक्षित रही। इसलिए इस बार इस सीट के ओबीसी महिला में आरक्षित होने की उम्मीद पहले से ही थी जो सही साबित हुई।
कुंदरकी :ओबीसी महिला में आने के कयास धरे रह गए
कुंदरकी ब्लॉक में भी 1995 से अब तक ओबीसी महिला के लिए यह सीट आरक्षित नहीं हुई है। इस बार भी ये सीट अनारक्षित श्रेणी में आ गई है। ओबीसी महिला के लिए लगाए जा रहे कयास धरे रह गए है।
जिले में ब्लॉक वार आरक्षण
अनारक्षित ब्लॉक
मुरादाबाद
डिलारी
कुंदरकी
बिलारी
आरक्षित ब्लॉक
एससी महिला - भगतपुर टांडा
पिछड़ा वर्ग महिला - ठाकुरद्वारा
किसी भी वर्ग की महिला- छजलैट
पिछड़ा वर्ग- मूढापांडे
पिछले पांच चुनावों में ब्लॉक प्रमुख का आरक्षण
ब्लॉक 1995 2000 2005 2010 2015
मुरादाबाद ओबीसी एससी महिला अनारक्षित महिला अनारक्षित
भगतपुर टांडा ओबीसी अनारक्षित महिला अनारक्षित अनारक्षित
मूढापांडे अनारक्षित महिला एससी ओबीसी अनारक्षित
छजलैट ओबीसी महिला अनारक्षित ओबीसी महिला एससी महिला ओबीसी महिला
डिलारी महिला ओबीसी अनारक्षित अनारक्षित अनारक्षित
ठाकुरद्वारा ओबीसी अनारक्षित महिला अनारक्षित एससी महिला
कुंदरकी महिला ओबीसी एससी महिला अनारक्षित महिला
बिलारी एससी महिला ओबीसी महिला ओबीसी महिला ओबीसी