थाना ठाकुरद्वारा स्थित एक मोबाइल शॉप में नकब लगाकर लाखों रुपये के चोरी किए गए मोबाइल व करीब दस लाख रुपये से अधिक का सामान चुराने के मामले में पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चोरी किया सामान बरामद करने का दावा किया है। पुलिस ने चारों आरोपियों को रविवार रिमांड मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
उत्तराखंड के जसपुर के मोहल्ला पट्टी चौहान निवासी मोहम्मद आसिफ के मोबाइल शॉप में आठ दिसंबर की रात को पीछे से नकब लगाकर करीब 14.50 लाख रुपये के अस्सी मोबाइल फोन, एक लाख 27 हजार नकदी समेत अन्य सामान चोर चुरा ले गए थे। मोबाइल शॉप में कैमरा लगा होने के कारण चोर सीसीटीवी कैमरे और डीवीआर भी उखाड़ ले गए थे। नौ दिसंबर की सुबह घटना की जानकारी होने पर मोहम्मद आसिफ ने घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
घटना के बाद से पुलिस चोरों की तलाश में जुटी थी। पुलिस लाइन सभागार में एसपी (आरए) विद्या सागर मिश्रा ने प्रेसवार्ता कर घटना के खुलासे का दावा किया। उन्होंने बताया कि ठाकुरद्वारा पुलिस और सर्विलांस टीम के माध्यम से घटना के खुलासे में सफलता मिली। पुलिस टीम ने इस दौरान थाना क्षेत्र ग्राम नगलिया नारायण व व वार्ड-3 मोहल्ला जमनावाला निवासी दो-दो छात्रों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की। पुलिस ने चारों के कब्जे से चोरी गए 45 मोबाइल, 38 चार्जर, 31 डेटा केबिल व आरोपियों द्वारा नाले में फेंका गया डीवीआर भी तथा नकबजनी में प्रयुक्त हथौड़ी व संबल भी बरामद करने का दावा किया है। थाना प्रभारी मोहित चौहान ने बताया कि रविवार होने के कारण चारों को रिमांड मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया। जहां से चारों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
स्टाइलिश बाइक, ब्रांडेड जूते और कपड़ों का शौक पूरा करने लिए पैसा नहीं मिला तो घर से पढ़ने निकले छात्रों ने चोरी की साजिश रची। शोरूम में चोरी की घटना के बाद पकड़ में नहीं आने से चोरों की हिम्मत बढ़ गई, लेकिन चोरी के मोबाइल शॉप में चोरी की घटना ने उन्हें जेल भिजवा दिया।
आठ दिसंबर की रात मोबाइल शोरूम में चोरी की घटना अंजाम देने वाले युवकों में एक हाईस्कूल का छात्र है। उसने बताया कि पिता मजदूरी करते हैं। घर से पढ़ाई खर्च ही बमुश्किल मिल पाता है, लेकिन दोस्तों की संगत ने गलत राह पर डाल दिया। ब्रांडेड कपड़ों और जेब खर्च की चाहत में मोहल्ले के दोस्त के साथ चोरी कर खर्च पूरा करने का मन बना लिया। उसका दोस्त ग्यारहवीं कक्षा में पढ़ता है। दोनों के बीच मोहल्ले में उठना बैठना था। जमनावाला निवासी दोनों आरोपी अलग-अलग स्कूलों में ग्यारहवीं के छात्र हैं और दोनों में दोस्ती है। एक के पिता उत्तराखंड के राइस मिल में नौकरी करते हैं तो दूसरे के पिता फैक्टरी मजदूरी करते हैं। पहले जेब खर्च के लिए फ्लैक्स प्रिंटिंग की दुकान पर काम किया लेकिन जेब खर्च पूरा नहीं हो सका तो कदम चोरी की तरफ बढ़ निकले। इनकी मंशा चोरी का माल बेचकर बाइक खरीदना एवं महंगे शौक पूरा करना था।
चारों छात्रों ने बताया कि यू ट्यूब पर चोरी की वीडियो देखकर उन्होंने नकबजनी की वारदात को अंजाम देने की साजिश रची। शिनाख्त छिपाने के लिए सीसीटीवी कैमरे तोड़ने के साथ ही डीवीआर भी उखाड़कर नाले में फेंक दिया था।
नगर निवासी चारों छात्र आपस में दोस्त हैं। अपराध की दुनिया में कदम रखने से पहले किताबें छोड़कर मोबाइल यू ट्यूब पर चोरी की घटनाओं की वीडियो देखी। इससे ही सीसीटीवी कैमरे और डीवीआर उखाड़ने का आइडिया दिमाग में आया। घटना को अंजाम देने के लिए हथौड़ी और संबल का इंतजाम कर रात के अंधेरे में चारों दुकान के पिछले हिस्से में पहुंचे। जहां पर रजिस्ट्री कार्यालय के पास खाली तख्त-बेंच आदि पड़ी थी। दुकान के पास ही बस स्टैंड होने की वजह से मुसाफिर या फिर चालक-परिचालक भी घूमते रहते हैं, लिहाजा पुलिस भी नजर अंदाज करती है। दो युवक दोनों साइडों में निगरानी करने लगे, जबकि दो लंबे कद के युवक दीवार के पिछले हिस्से को काटने में लग गए। दुकान के निचले हिस्से पर दीवार मोटी होने की वजह से सफलता नहीं मिली तो करीब पांच फीट ऊपर जाकर तोड़ने का प्रयास किया। छेद होने की वजह से दीवार आसानी से कट गई। इसमें एक युवक ने घुसकर सबसे पहले इनवर्टर का तार हटाकर रोशनी बंद की। इसके बाद सीसीटीवी कैमरे तोड़ने के साथ डीवीआर उखाड़कर नकब के रास्ते बाहर खड़े साथी को पकड़ दिया। इसके बाद काउंटर में सजा कर रखे मोबाइल फोन को प्लास्टिक के कट्टों में भरकर बाहर निकाला। दो कट्टों को पहले तो नगर में ही एकांत स्थान पर छिपा दिया। दो दिन बाद मोबाइल फोन को बांटकर घर ले गए। इस बीच चारों ने एक-एक मोबाइल इस्तेमाल के लिए भी रख लिया। इन्हीं मोबाइलों के जरिये वे पुलिस के हत्थे चढ़ सके।