पुलिस लाइन की बैरक में रविवार की रात नशे में धुत सिपाहियों ने मारपीट कर एक सिपाही को घायल कर दिया। घायल सिपाही को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस मामले में सीओ की जांच के बाद सिविल लाइंस पुलिस ने केस दर्ज कर दोनों आरोपी सिपाहियों को गिरफ्तार कर लिया। दोनों सिपाही जेल भेजे गए हैं।
पुलिस लाइन की बैरक नंबर तीन में सिपाही योगेश कुमार रहता है। वह न्यायालय सुरक्षा में तैनात है। घायल योगेश ने बताया कि उसकी बैरक में सिपाही मोनू बालियान और प्रशांत सिरोही रात में आए थे। तीनों ने पहले शराब पी। इसके बाद योगेश को और शराब पिलाने के लिए दोनों सिपाही अपने साथ लेकर जाने लगे लेकिन योगेश ने जाने से मना कर दिया। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद हो गया। आरोप है कि प्रशांत और मोनू ने मिलकर योगेश की लात-घूंसों से पिटाई की। इसके बाद डंडे से सिर पर हमला कर दिया। शोर गुल सुनकर अन्य सिपाही मौके पर पहुंच गए। सिपाहियों ने दोनों पक्षों को हटाया।
सूचना मिलने पर सिविल लाइंस थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची। घायल सिपाही को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। जिसका इलाज अभी चल रहा है। घटना की जानकारी मिलने पर एसएसपी ने सीओ सिविल लाइंस अर्पित कपूर को जांच करने के निर्देश दिए। सीओ ने अस्पताल और पुलिस लाइन में जाकर कई पुलिसकर्मियों के बयान लिया। अन्य सिपाहियों ने बताया कि तीनों की शोहरत काफी खराब है। इस मामले में पुलिस लाइन के आरआई रकम सिंह ने सिविल लाइंस थाने में तहरीर दी। इसी आधार पर पुलिस ने मोनू बालियान और प्रशांत सिरोही के खिलाफ मारपीट और हमला का केस दर्ज किया है। इस मामले में थाना प्रभारी आरपी शर्मा ने बताया कि केस दर्ज करने के बाद आरोपी दोनों सिपाहियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।
तीनों के रिकार्ड खराब
थाना प्रभारी ने बताया कि गिरफ्तार प्रशांत सिरोही को 2021 में दुष्कर्म के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। इसी प्रकार घायल सिपाही हरियाणा स्थित अपने गृह जनपद में तमंचे के साथ पकड़ा गया था। तीनों सिपाहियों का आचरण जांच में सही नहीं पाया गया है।