मुरादाबाद। शादी से महज छह दिन पहले युवती की गला घोंटकर हत्या करने के आरोप में जेल भेजे गए आरोपी मंगेतर की जमानत अर्जी अदालत ने खारिज कर दी है।
ठाकुरद्वारा थाने में वादी मदन पाल ने 14 जून 2021 को केस दर्ज कराया था। उन्होंने बताया था कि उसकी बेटी की हत्या उसके मंगेतर ने कर दी है। आरोपी युवती का शव गांव के पास ही फेंककर फरार हो गया था। वादी की पुत्री व जतिन निवासी पौड़ी गढ़वाल (उत्तराखंड) के बीच प्रेम प्रसंग चल रहा था। जब वादी की पुत्री ने शादी के लिए कहा तो जतिन ने गलत आरोप लगाते हुए शादी करने से मना कर दिया था। जिस पर युवती ने केस दर्ज कराने की धमकी दी थी। मुकदमे से बचने के लिए जतिन शादी के लिए राजी हो गया। 20 जून को शादी होना तय की गई थी।
आरोपी जतिन युवती को कपड़े खरीदवाने के बहाने अपने साथ ले गया था, जहां रास्ते में आरोपी ने अपने गमछे से वादी की पुत्री का गला दबाकर हत्या कर दी थी। इसके बाद उसका शव गांव के पास ही फेंककर फरार हो गया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। इस मामले में आरोपी ने जमानत के लिए जनपद न्यायाधीश रघुवेन्द्र की अदालत में प्रार्थनापत्र दाखिल किया था। जिसमें बचाव पक्ष का कहना था कि आरोपी को झूठा फंसाया गया है। उसने अपनी मंगेतर की हत्या नहीं की है।
वहीं, जिला शासकीय अधिवक्ता नितिन गुप्ता एवं सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता संजीव अग्रवाल ने जमानत का विरोध करते हुए अदालत में बताया कि आरोपी एक शातिर अपराधी है। वह मुकदमे से बचने के लिए ही शादी को राजी हुआ था, लेकिन वह किसी तरह मृतका से अपना पीछा छुड़ाना चाहता था। उसने मौका पाकर वादी की पुत्री की हत्या कर दी है। अदालत ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दी।