मुरादाबाद। संभल के चार साल पुुराने पड़ोसी महिला की गोली मारकर हत्या के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश- सात की अदालत ने पिता और दो बेटों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने तीनों पर अर्थदंड भी लगाया है।
संभल जनपद के बहजोई थानाक्षेत्र के सिंहपुर निवासी जयनारायण 8 जनवरी 2017 को मुकदमा दर्ज कराया था, जिसमें उन्होंने बताया था कि आठ जुलाई 2016 को उनके बेटे की बरात किरारी में गांव गई थी। गांव के रामफल पुत्र रामस्वरूप व हरवंश पुत्र रामफल को दावत नहीं दी गई थी। इसी रंजिश के चलते आरोपियों ने बरात में भी झगड़ा करा दिया था, तब किसी झगड़ा शांत कराया था। आठ जनवरी 2017 को जब वादी अपने खेत पर गया तो आरोपियों ने गाली गलौज शुरू कर दी। वादी चुपचाप अपने घर लौट आया। शाम के समय जब वादी अपने घर में बैठा हुआ था, तब हरवंश, रामफल, नन्हें, मंगली, संजय शर्मा गालियां देते हुए घर में घुस गए, जिनसे बचने के लिए वह अपने बच्चों के साथ घर की छत पर चढ़ गया। आरोपियों ने अपनी लाइसेंसी राइफल व तमंचों से फायरिंग शुरू कर दी थी, जिसमें से एक गोली वादी की पत्नी विनेश देवी को लगी थी। जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
इस मुकदमे में पुलिस ने हरवंश, रामफल व संजय शर्मा, नन्हें के खिलाफ चार्जशीट अदालत में दाखिल की थी। मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (सात) ज्ञानेंद्र सिंह यादव की अदालत में हुई। बचाव पक्ष का कहना था कि उन्हें झूठा फंसाया गया है। गांव की रंजिश के चलते मुकदमा दर्ज किया गया है। वहीं राज्य की ओर से पक्ष प्रस्तुत करते हुए सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता महेंद्र सिंह कश्यप ने अदालत में बताया कि आरोपियों के पास से घटना में इस्तेमाल तमंचे व राइफल बरामद की गई है। गांव के ही लोगों ने इनके खिलाफ बयान दर्ज कराए हैं। अदालत ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों के आधार पर आरोपी हरवंश, नन्हें व पिता रामफल को आजीवन कारावास के साथ-साथ प्रत्येक पर 25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। साथ ही आरोपी संजय शर्मा को साक्ष्य के अभाव में रिहा कर दिया गया है।