पूर्व पीएम मनमोहन सिंह के साथ शफीकुर्रहमान बर्क
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1967 से 2019 तक लगातार सियासी पिच पर उतरे
डॉ. शफीकुर्रहमान बर्क 1967 से 2019 तक लगातार सियासी पिच पर बैटिंग करने उतरे। इन 52 वर्षों में विधानसभा और लोकसभा का हर चुनाव लड़ा। इस दौरान सिर्फ दल और जिले बदलते रहे। वर्ष 1996 में संभल विधानसभा न लड़कर मुरादाबाद से लोकसभा चुनाव लड़ा था।
हर दल ने डॉ. बर्क को लगाया गले
डॉ. शफीकुर्रहमान बर्क के सियासी कद को देखते हुए उन्हें हर दल ने गले लगाया। यूपी की राजनीति के प्रमुख दलों के अलावा डॉ. बर्क ने क्षेत्रीय दलों से चुनाव में किस्मत आजमाया था। उन्होंने दस दलों के टिकट पर विधानसभा और लोकसभा का चुनाव लड़ा था।
इन वर्षों में संभल से लड़ा विधानसभा चुनाव
वर्ष 1967, 1969, 1974, 1977, 1980, 1985, 1989, 1991, 1993, 2002
इन वर्षो में लड़ा लोकसभा चुनाव
वर्ष 1996, 1998, 1999, 2004, 2009, 2014, 2019
इन दलों से संभल से लड़ा विधानसभा चुनाव
स्वतंत्र पार्टी, भारतीय क्रांति पार्टी (बीकेडी), जनता पार्टी (जेएनपी), कांग्रेस यू, लोक दल (एलकेडी), जनता दल, जनता पार्टी (जेपी), समाजवादी पार्टी, राष्ट्रीय परिवर्तन दल (आरपीडी)
बसपा के टिकट पर लड़ा था चुनाव
डॉ. शफीकुर्रहमान बर्क सात बार लोकसभा चुनाव लड़े थे। छह बार वह सपा के टिकट पर लड़े थे। एक बार बसपा के टिकट पर संभल से लोकसभा चुनाव लड़े थे।
शफीकुर्रहमान बर्क के निधन पर पोते को सांत्वना देते अखिलेश यादव
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1996 में लखनऊ से दिल्ली की ओर बढ़े थे डॉ. बर्क के कदम
संभल की राजनीति के केंद्र बिंदु रहे डॉ. शफीकुर्रहमान बर्क के सियासी कदम वर्ष 1996 में पहली बार लखनऊ से दिल्ली की ओर बढ़े थे। 1996 में सपा के टिकट पर लोकसभा का चुनाव जीतकर डॉ. बर्क पहली बार संसद पहुंचे थे। वह मुरादाबाद से चार बार लोकसभा का चुनाव लड़े। तीन बार वह विजयी रहे। 96 वर्षीय डॉ. शफीकुर्रहमान बर्क मुरादाबाद मंडल की सियासत में सक्रिय रहे।
उन्होंने विधानसभा और लोकसभा दोनों का प्रतिनिधित्व किया। वर्ष 1996 से पहले तक डॉ. बर्क की सियासत का केंद्र संभल ही रहा। वह संभल विधानसभा सीट से लगातार चुनाव लड़ते रहे। 1996 में हुए लोकसभा चुनाव से डॉ. बर्क की एंट्री मुरादाबाद की राजनीति में हुई थी। मुरादाबाद सीट से सपा के टिकट पर वह लोकसभा का चुनाव लड़े।
भाजपा उम्मीदवार संदीप अग्रवाल को हराकर वह पहली बार संसद बने। डॉ. बर्क मुरादाबाद से लगातार चार बार सपा के लोकसभा प्रत्याशी रहे। तीन पर उन्हें जीत मिली थी। डॉ. बर्क 1996, 1999 और 2004 में मुरादाबाद सीट से विजयी हुए थे। वर्ष 1999 के चुनाव में वह अखिल भारतीय लोकतांत्रिक कांग्रेस के प्रत्याशी चंद्र विजय सिंह से चुनाव हार गए थे।
2009 के लोकसभा चुनाव में सपा ने उन्हें मुरादाबाद से उम्मीदवार नहीं बनाया। इसके बाद नाराज डॉ. बर्क बसपा में शामिल हो गए थे। बसपा के टिकट पर संभल से लोकसभा चुनाव लड़े और विजयी हुए।
मुरादाबाद से डॉ. बर्क का चुनाव परिणाम
वर्ष दल परिणाम
1996 सपा विजयी
1998 सपा विजयी
1999 सपा हारे
2004 सपा विजयी