मुरादाबाद। छह माह तक अपहृत किशोरी को खोजपाने व आरोपी को गिरफ्तार करने में नाकाम रही जिले की पुलिस पर लग रहे तरह-तरह के आरोप पर डीआईजी ने मामले की जांच जिला पुलिस से हटाकर संभल पुलिस को सौंप दी है। इधर पीड़ित परिवार की ओर से एसएसपी कार्यालय के समक्ष दिया जा रहा धरना 24वें दिन भी जारी रहा। वक्ताओं ने इस मामले में शुरू से शिथिलता बरतने वाले आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
मझोला थानाक्षेत्र के कांशीराम नगर में अपने मामा के घर आई संभल के धनारी निवासी एक व्यक्ति की 13 वर्षीय पुत्री 10 जनवरी 2021 को अचानक लापता हो गई थी। किशोरी के पिता ने इस मामले में विष्णु शर्मा नाम के युवक के खिलाफ किशोरी को अपहरण करने का केस दर्ज कराया था। छह माह बाद भी मझोला थाना पुलिस जब किशोरी को खोज पाने और आरोपी को गिरफ्तार करने में नाकाम रही पुलिस के खिलाफ किशोरी के पिता, मां और भाई ने एसएसपी कार्यालय के सामने 14 जुलाई को बेमियादी धरना शुरू कर दिया था। जो शुक्रवार 24 वें दिन भी जारी रहा। पीड़ित परिवार के समर्थन में शुक्रवार को जीविका बचाओ आंदोलन के हरिकिशोर सिंह ने पीड़ित परिवार के साथ डीआईजी शलभ माथुर से मुलाकात की। पीड़ित परिवार ने स्थानीय पुलिस पर मामले के खुलासे के लिए ठोस प्रयास न करने का आरोप लगाया। डीआईजी ने बताया कि इस मामले में जिला पुलिस पर पीड़ित परिवार व उसके समर्थन में उतरे संगठन लगातार आरोप लगा रहे थे। जिसके चलते पूरे मामले की जांच संभल जिले की पुलिस को सौंप दी गई है।
इधर पीड़ित परिवार द्वारा एसएसपी कार्यालय पर दिया जा रहा धरना शुक्रवार 24वें दिन भी जारी रहा। इस मौके पर हुई सभा को हरिकिशोर सिंह, भाकपा (माले) के रोहिताश सिंह राजपूत समेत कई वक्ताओं ने संबोधित करते हुए इस मामले में शुरू से ही ढिलाई बरतने वाले दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की। हरिकिशोर ने बताया कि 13 अगस्त को धरने के एक माह पूरा होने के अवसर पर विभिन्न संगठन संयुक्त रूप से शहर में जुलूस निकाल कर जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपेंगे।