स्थानीय लोगों ने बिजलीघर को फोन पर सूचना दी। इसके बाद कंपनी के अन्य कर्मचारी भी मौके पर पहुंच गए और लाइनमैनों को रस्सी के जरिये खंभे से उतारा। उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां से हायर सेंटर रेफर किया गया। ठेकेदार ने बताया कि सोनू, दीपक व जगराम को टीएमयू में भर्ती कराया गया है। जबकि सोनू उर्फ ललित को विद्युत निगम के चीफ इंजीनियर आरके बंसल के आदेश पर दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल भेजा गया है।
जेई के निलंबन के बाद शटडाउन की जांच के आदेश
एडीएम सिटी ज्योति सिंह, एसपी सिटी अखिलेश भदौरिया, सीओ सिविल लाइंस अर्पित कपूर, विद्युत निगम के चीफ इंजीनियर आरके बंसल, एसई मुनीश चोपड़ा व तीनों एक्सीएन जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने कंपनी के ठेकेदार से पूरी जानकारी ली। इसके बाद विद्युत निगम के एसडीओ से पूछा कि शटडाउन के बावजूद करंट कैसे प्रवाहित हुआ। चीफ इंजीनियर ने जेई को निलंबित करने के बाद इस मामले की जांच के आदेश दिए कि करंट कैसे प्रवाहित हुआ। उन्होंने कहा कि जिस कर्मचारी की गलती पाई जाएगी, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
करंट से झुलसे चारों कर्मचारी होश हैं। एक की हालत ज्यादा गंभीर है, जिसे दिल्ली भेजा गया है। इस मामले में विद्युत निगम के अधिकारियों से जानकारी ली जा रही है। कार्रवाई के लिए किसी की ओर से तहरीर मिलेगी तो मुकदमा दर्ज किया जाएगा। -अखिलेश भदौरिया, एसपी सिटी