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कर्ज में डूबे किसान ने आत्महत्या की

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मुरादाबाद। मोहम्मदपुर ध्यान सिंह गांव निवासी एक किसान ने मंगलवार रात फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। पोस्टमार्टम के बाद बुधवार देर शाम शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। परिजन बैंक कर्ज के दबाव में आत्महत्या करने की बात कह रहे हैं, जबकि पुलिस इससे इनकार कर रही है। पुलिस ने विभिन्न बिंदुओं पर मामले की जांच शुरू कर दी है।
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39 वर्षीय किसान सुलेंद्र सिंह 20 बीघा जमीन के कास्तकार थे। उनके परिवार में अब पत्नी इंद्रेश, बेटा लकी और बेटी शिवानी बचे हैं। परिजनों के अनुसार, सुलेंद्र ने दो वर्ष पूर्व घर बनाने के लिए बैंक से तीन लाख रुपये कर्ज लिया था। कोरोना के चलते वह दो साल से बैंक की किस्त नहीं चुका पा रहे थे। वह कर्ज के कारण तनाव में थे। बैंक कर्ज निपटाने के लिए सुलेंद्र ने हरथला में सीमेंट की दुकान पर मजदूरी शुरू कर दी थी।
सुलेंद्र मंगलवार रात खाना खाकर सोने चले गए थे। रात में किसी समय सुलेंद्र सिंह ने छत के पंखे पर रस्सी डालकर फंदा लगा लिया। सुबह चार बजे पत्नी इंद्रेश की आंख खुली तो उनको इस जानलेवा कदम की जानकारी हुई। पत्नी को फंदे पर लटका देख उनकी चीख निकल गई। शोर सुनकर दोनों बच्चे जाग गए। इसके बाद घर और पड़ोस के लोग भी मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों ने पुलिस को मामले की सूचना दी। इसके बाद पुलिस ने गांव पहुंचकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
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सुलेंद्र के भाई हरपाल सिंह ने बताया कि दो साल से खेती में कमाई नहीं हो रही थी। सुलेंद्र ने घर बनाने के लिए बैंक से तीन लाख रुपये का कर्ज लिया था। वह कर्ज के चलते बहुत परेशान था। कर्ज के दबाव में उसने अपनी जिंदगी समाप्त कर ली।
पूरा परिवार हाल ही में घूम कर आया था। पूछताछ के दौरान परिवार ने लेन-देन का कोई मामला नहीं बताया है। बैंक के कर्ज के दबाव की बात गले नहीं उतर रही है। वह कर्ज को प्रति वर्ष रिन्यूअल करा लेते थे। प्राथमिक जांच में आत्महत्या का कारण कर्ज का दबाव नहीं लग रहा है। मामले की गहन जांच की जा रही है। साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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- डॉ. गणेश गुप्ता, सीओ हाईवे
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