मुरादाबाद। कृषि कानूनों के विरोध में किसान संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर भाकियू के तीन संगठनों ने जिले में 11 स्थानों पर चक्का जाम किया। भाकियू कार्यकर्ताओं के साथ आसपास के गांवों के किसान हाईवे और मुख्य मार्गों पर धरना देकर बैठ गए और वाहनों का संचालन रोक दिया। सैकडों यात्री बसें और माल वाहक वाहन जाम में फंस गए।
बसों में सवार हजारों यात्रियों का गर्मी और उमस में बुरा हाल हो गया। मासूम बच्चे गर्मी में बिलखते रहे। मूंढापांडे में तो गुस्साई महिला यात्री बसों से उतरकर जाम लगा रहे भाकियू कार्यकर्ताओं से उलझ गई और उन्हें खरी खोटी भी सुनाई। कार्यकर्ताओं ने सरकार विरोधी नारेेेबाजी भी की। कहीं ढाई तो कहीं पांच बजे तक जाम लगा। हर जगह भारी पुलिस और पीएसी बल लगाया गया था। प्रशासनिक अधिकारी भी डटे रहे।
मूंढापांडे टोल पर ढाई घंटे रही अफरा तफरी
भाकियू टिकैत गुट ने मूंढापांडे टोल प्लाजा के निकट मुरादाबाद रामपुर हाईवे पर जाम लगाया। महानगर अध्यक्ष रणधीर सिंह, तहसील अध्यक्ष धर्मेेश सिंह के नेतृत्व में भाकियू कार्यकर्ता और किसान दोपहर 12 बजे टोल प्लाजा से आगे हाईवे पर दरी डालकर बैठ गए और दोनों तरफ से वाहनों का आवागमन रोक दिया।
इससे हाइवे पर दोनों तरफ लंबा जाम लग गया। बसों में सवार यात्रियों का गर्मी से बुरा हाल था। यहां मौजूद एसपी सिटी अमित आनंद, सीओ हाईवे गणेश कुमार गुप्ता ने किसानों को समझाने का प्रयास किया लेकिन बात नहीं बनी। बसों में सवार परेशान यात्रियों ने भी भाकियू कार्यकर्ताओं से विरोध जताया और खरी खोटी सुनाई लेकिन पदाधिकारी पांच बजे तक जाम लगाने की जिद पर अड़े थे। अधिकारियों के काफी समझाने के बाद ढाई बजे जाम खोला गया इसके बाद यहां मार्ग सुचारु हुआ।
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