मुरादाबाद। जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी की जंग में भाजपा और सपा की सीधी टक्कर के बीच बसपा समर्थित जिला पंचायत सदस्य निर्णायक बन सकते हैं। बसपा ने अध्यक्ष पद के लिए अपने पत्ते नहीं खोले हैं, जबकि सबसे अधिक बसपा समर्थित सदस्यों की संख्या बारह है। फिलहाल भाजपा से डा. शैफाली सिंह की उम्मीदवारी तय मानी जा रही है। वहीं सपा से तरन्नुम अध्यक्ष जहां को उम्मीदवार बनाया गया है, जिन्हें अध्यक्ष पद के लिए बीस सदस्यों का समर्थन चाहिए।
जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव की तारीख घोषित कर दी गई है। तीन जुलाई को मतदान होगा। इसके साथ ही जिले में कुर्सी की सियासत तेज हो गई है। जिले में जिला पंचायत सदस्य के 39 पद हैं। जिला पंचायत अध्यक्ष पद की कुर्सी पर काबिज होने के लिए बीस सदस्यों का समर्थन चाहिए। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में बसपा का प्रदर्शन बेहतर रहा। बसपा के सबसे अधिक 12 समर्थित प्रत्याशी विजयी रहे। दूसरे नंबर सपा और तीसरे नंबर पर भाजपा रही। सपा के 11 और भाजपा के 10 समर्थित उम्मीदवार विजयी रहे। प्रदेश की सत्ता पर आसीन भाजपा की ओर जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए डा. शैफाली सिंह ने दावेदारी है। उनका प्रत्याशी बनना तय है। हालांकि अभी प्रदेश स्तर से आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। वहीं सपा ने वार्ड नंबर 13 से विजयी तरन्नुम जहां को उम्मीदवार घोषित किया है। सबसे अधिक सदस्यों वाली बसपा ने अब तक अपना उम्मीदवार नहीं घोषित किया है। ऐसे में अगर बसपा इस चुनाव में हाथ नहीं आजमाती है तो भाजपा और सपा में सीधी टक्कर होगी। इस लड़ाई में बसपा समर्थित जिला पंचायत सदस्य चुनाव का रुख किसी तरफ भी पलट सकते हैं। दोनों दलों की नजर इन सदस्यों पर है।
ये है दलों की स्थिति
दल-------जिपंस की संख्या
बसपा समर्थित---12
सपा समर्थित----11
भाजपा समर्थित---10
निर्दलीय--------04
आप------------01
आईएमआईएम---01
निर्दलीय भी रहेंगे अहम
मुरादाबाद। नवनिर्वाचित जिला पंचायत सदस्यों में चार सदस्य निर्दलीय भी हैं, जबकि आईएमआईएम और आप से एक-एक सदस्य हैं। चुनाव में इनकी भूमिका भी अहम होगी। ये निर्दलीय सदस्य किस दल के साथ जाएंगे, ये अभी पता नहीं है, लेकिन इनका रुख भी चुनाव परिणाम तय कर सकता है।