मुरादाबाद। कांठ बवाल प्रकरण में सभी आरोपियों के बयान अदालत दर्ज कर चुकी है। शुक्रवार को कैबिनेट मंत्री और नगर विधायक समेत अन्य आरोपियों की ओर से उनके वकीलों ने बहस की। इसमें कहा कि राजनैतिक दबाव के चलते केस दर्ज किए गए थे। सरकार की ओर से विशेष लोक अभियोजक ने जवाबी बहस के लिए समय की मांग की, जिसे स्वीकार करते हुए अदालत ने सुनवाई के लिए आगामी तिथि 20 दिसंबर तय की है।
थाना कांठ क्षेत्र के गांव अकबरपुर चैदरी स्थित मंदिर पर लाउडस्पीकर बजाने को लेकर 2014 में विवाद हुआ था। इसमें भारतीय जनता पार्टी के कई नेताओं के ऊपर आरोप लगा था कि उन्होंने जनता को उकसाकर धार्मिक उन्माद फैलाने का प्रयास किया है। इस दौरान कई पुलिसकर्मियों समेत तत्कालीन जिलाधिकारी भी घायल हो गए थे। रेलवे की संपत्ति को भी काफी नुकसान हुआ था, जिस पर रेल महक मे ने भी मुकदमा दर्ज कराया था। इस मामले में थाना पुलिस ने सैकड़ों आरोपी बनाए थे।
इस मुकदमे की सुनवाई एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट पुनीत गुप्ता की अदालत में चल रही है। विशेष लोक अभियोजक मोहनलाल विश्नोई एवं अतिरिक्त जिला शासकीय अधिवक्ता मुनीश भटनागर ने बताया कि गुरुवार को कैबिनेट मंत्री भूपेंद्र सिंह व नगर विधायक रितेश गुप्ता आदि आरोपियों के वकीलों ने अपना पक्ष अदालत में प्रस्तुत किया। कोर्ट ने आगामी सुनवाई के लिए 20 दिसंबर की तिथि निर्धारित की है।