मुरादाबाद। एमडीएस छात्रा डा. वैशाली चौधरी को आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोपी आशीष जाखड़ की अग्रिम जमानत अर्जी कोर्ट ने खारिज कर दी। दूसरे आरोपी के प्रार्थना पत्र पर दस नवंबर को सुनवाई होगी।
हापुड़ जनपद के हाफिजपुर थानाक्षेत्र के शाहबुद्दीन नगर निवासी प्रमोद चौधरी की 25 वर्षीय बेटी डॉ. वैशाली चौधरी टीएमयू से एमडीएस द्वितीय वर्ष की पढ़ाई कर रही थी। वैशाली टीएमयू के हॉस्टल की चौथी मंजिल के कमरा नंबर 437 में दो अन्य छात्राओं के साथ रहती थी। 18 अक्तूबर को सुबह करीब साढ़े ग्यारह बजे हॉस्टल के कमरे में डा. वैशाली का शव दुपट्टे के सहारे पंखे से बंधे फंदे पर लटका मिला था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में लटकने से मौत होने की पुष्टि हुई थी। इस मामले में वैशाली के पिता प्रमोद चौधरी ने हापुड़ निवासी आशीष जाखड़ और देहरादून निवासी समर्थ जौहरी के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने की धारा में केस दर्ज कराया था। आशीष ने टीएमयू से एमबीबीएस और समर्थ ने एमडीएस की डिग्री ली थी। पुलिस अभी तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं कर पाई है। प्रमोद चौधरी के अधिवक्ता फसीह उल्लाह खां बताया कि आरोपी आशीष जाखड़ और समर्थ जौहरी ने अपने अधिवक्ता के जरिये अग्रिम जमानत के लिए कोर्ट में प्रार्थना पत्र दाखिल किया गया था। सोमवार को आरोपी आशीष के प्रार्थना पत्र पर सुनवाई हुई, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया है। दूसरे आरोपी के प्रार्थना पत्र पर दस नवंबर को सुनवाई होगी।