हसनपुर से वाया नौगांवा सादात कांठ पहुंचे कमाल अख्तर ने साइकिल दौड़ाकर कमाल कर दिया। पूर्व कैबिनेट मंत्री ने जीत दर्ज कर कांठ से पार्टी का खाता खोल दिया। यहां से सपा को पहली बार जीत मिली है। इससे पहले कांठ में समाजवादी पार्टी का प्रदर्शन निराशाजनक ही रहा।
कांठ विधानसभा सीट पर वर्ष 1957 से 2017 तक 16 विधानसभा चुनाव हो चुके हैं। लेकिन एक बार भी समाजवादी पार्टी को जीत नहीं मिली। यहां पार्टी को हार का ही सामना करना पड़ा है। यहां से सबसे अधिक तीन-तीन बार भाजपा और कांग्रेस को जीत मिली है, जबकि बसपा ने दो बार जीत दर्ज किया है। इस बार विधानसभा चुनाव में सपा ने पूर्व कैबिनेट मंत्री कमाल अख्तर पर दांव लगाया। यहां से पूर्व विधायक अनीसुर्रहमान टिकट के दावेदार थे।
कमाल अख्तर विधानसभा चुनाव की तैयारी अमरोहा की हसनपुर सीट से कर रहे थे, लेकिन पार्टी उन्हें नौगांवा सादात विधानसभा क्षेत्र से प्रत्याशी घोषित कर दिया। तीन-चार दिन बाद ही पार्टी ने नौगांवा सादात की जगह कांठ विधानसभा क्षेत्र से उम्मीदवार बना दिया। शुरुआत में कमाल अख्तर को बाहरी होने का विरोध झेलना पड़ा। चुनाव में भितरघात की चर्चाएं और कुछ नेताओं ने वीडियो जारी कर खुलकर विरोध किया, लेकिन गुरुवार को आए चुनाव परिणाम ने सभी आशंकाओं पर विराम लगा दिया। सपा को पहली बार कांठ सीट पर जीत मिली और क्षेत्र वासियों को कमाल अख्तर के रूप में नया विधायक मिल गया।
कांठ विधानसभा क्षेत्र से अब तक चुने गए विधायक
वर्ष विधायक दल
1957 जितेंद्र प्रताप सिंह कांग्रेस
1962 दाउदयाल खन्ना कांग्रेस
1967 जे सिंह निर्दलीय
1969 नौनिहाल सिंह बीकेडी
1974 चंद्रपाल सिंह बीकेडी
1977 हरगोविंद जनता पार्टी
1980 रामकिशन कांग्रेस(यूआरएस)
1985 समरपाल सिंह कांग्रेस
1989 चंद्रपाल सिंह जनता दल
1991 ठाकुरपाल सिंह भाजपा
1993 महबूब अली जनता पार्टी
1996 राजेश कुमार सिंह भाजपा
2002 रिजवान अहमद खान बसपा
2007 रिजवान अहमद खान बसपा
2012 अनीसुरर्हमान पीस पार्टी
2017 राजेश कुमार सिंह भाजपा
2021 कमाल अख्तर सपा