वायु गुणवत्ता का स्तर गिरा लेकिन नहीं सुधरी हवा की सेहत
रामगंगा विहार में वायु गुणवत्ता जांचने का शुरू हुआ ट्रायल
अमर उजाला ब्यूरो
मुरादाबाद। पीतल नगरी की वायु गुणवत्ता के स्तर में शनिवार को भले ही गिरावट दर्ज की गई है, लेकिन हवा अभी भी दूषित बनी हुई है। शनिवार शाम आठ बजे मुरादाबाद का एक्यूआई 284 दर्ज किया गया। वहीं, लाजपत नगर का तीन सौ और रोजगार कार्यालय का वायु गुणवत्ता सूचकांक 269 दर्ज किया गया। दोनों ही स्थानों पर वातावरण में भारी कणों का स्तर मानक से अधिक है। क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का कहना है कि अब शहर में अन्य स्थानों पर भी प्रदूषण जांचने के स्टेशन लगाए जा रहे हैं। रामगंगा विहार में ट्रायल शुरू हो गया है। इससे शहर की वायु गुणवत्ता का सटीक आकलन करने में आसानी होगी।
क्षेत्रीय सेवा योजन कार्यालय के वायु गुणवत्ता सूचकांक में पीएम 2.5 का अधिकतम स्तर 367, पीएम 10 का अधिकतम स्तर 247 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर है, जबकि लाजपत नगर में तीन सौ एक्यूआई कार्बन डाई ऑक्साइड 151, पीएम 2.5 का अधिकतम स्तर 417, पीएम 10 का अधिकतम स्तर 417, नाइट्रोजन डाई ऑक्साइड का अधिकतम स्तर 118 दर्ज किया गया। विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय तक इस तरह के प्रदूषित वातावरण में रहने से सांस की समस्या होने की आशंका बढ़ जाती है। विकास मिश्र क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने बताया कि रोजगार कार्यालय रामगंगा विहार का स्टेशन अभी लगातार नहीं है। यह ट्रायल पर शुरू हो गया है। इसके अलावा बुद्धि विहार, जिगर कालोनी, नगर निगम चॉर्जिंग स्टेशन में भी वायु प्रदूषण जांचने की मशीन स्थापित की जा रही हैं। इन मशीनों के पार्ट्स विदेश से आते हैं। कोरोना संक्रमण काल की वजह से पार्ट्स की उपलब्धता में समस्या आ रही है। इसके कारण स्टेशनों के संचालन में भी देरी हो रही है।