87 निजी व 29 सरकारी अस्पतालों में मिलेगा लाभ
आयुष्मान कार्डधारकों को जिले के 87 निजी व 29 सरकारी अस्पतालों में निशुल्क चिकित्सा का लाभ मिलेगा। शहर में टीएमयू, सिद्ध अस्पताल, एपेक्स अस्पताल, विवेकानंद अस्पताल, कॉसमॉस अस्पताल समेत कई निजी अस्पतालों व नर्सिंगहोम में मरीज निशुल्क चिकित्सा सुविधा ले रहे हैं। वहीं बिलारी, अगवानपुर, कुंदरकी, पाकबड़ा, मूंढापांडे, ठाकुरद्वारा, कांठ आदि के भी निजी अस्पतालों में आयुष्मान कार्ड से इलाज की सुविधा है।
करीब ढाई लाख लोगों के नहीं बने आयुष्मान कार्ड
एक ओर जहां आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए लोग दलालों को दो से ढाई हजार रुपये तक दे रहे हैं। वहीं जिले में ढाई लाख लोग ऐसे भी हैं जो आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए अब तक आगे नहीं आए हैं। जिले में 13 लाख 62 हजार लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाए जाने थे।
इनमें से 11 लाख 20 हजार लोग आयुष्मान कार्ड बनवा चुके हैं। शेष बचे लोगों के आधार कार्ड व आयुष्मान सूची में नाम का मिलान न होने, शहर छोड़कर जाने, मृत्यु हो जाने व अन्य कारणों से आयुष्मान कार्ड नहीं बने हैं।
कौन-कौन हैं कार्ड के पात्र
- जिनका नाम 2011 की जनगणना सूची में हो
- जिनके राशन कार्ड में 2019 से पहले से छह यूनिट हों
- सभी अंत्योदय राशनकार्ड धारक
नोट : सभी पात्रों के नामों की निर्धारित सूची वेबसाइट पर उपलब्ध है।
जिले के 1.40 लाख लोगों ने उठाया लाभ
जिले में 11.20 लाख लोग आयुष्मान कार्ड बनवा चुके हैं। वहीं इस बीमा योजना का लाभ जिले के करीब 1.40 लाख आयुष्मान कार्डधारक उठा चुके हैं। इन लोगों ने सरकारी अस्पतालों के साथ ही निजी अस्पतालों में इलाज कराकर आयुष्मान योजना का लाभ उठाया है।
पोर्टल पर जिलेवार सूची जारी होते ही बुजुर्गों के आयुष्मान कार्ड बनाने का काम शुरू कर दिया जाएगा। तब तक बुजुर्ग किसी के झांसे में न आएं। यदि आपका नाम पुरानी सूची में नहीं है तो आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए किसी को रुपये न दें। - डॉ. कुलदीप सिंह, सीएमओ