एसडीओ ने समझाया घड़ियाल और मगरमच्छ का अंतर
मगरमच्छ व घड़ियाल में अंतर होता है। लेकिन, अधिकांश लोगों को इनके अंतर की जानकारी नहीं है। गंगा या आसपास के किसी तालाब में दिखाई दे जाने पर लोग उसे मगरमच्छ ही कहते हैं। वन विभाग के एसडीओ ने बताया कि घड़ियाल की थूथन लंबी होती है।
उसके मुंह में इंसान नहीं आ सकता। इसलिए वह मनुष्य के लिए खतरनाक नहीं है, जबकि मगरमच्छ का मुंह वी शेप में होता है। यह मनुष्य को निगल जाता है। घड़ियाल मगरमच्छ के बच्चे को खा जाता है और डॉल्फिन के साथ मिल कर रहता है। जबकि, मगरमच्छ अकेला रहता है।