भाषा में न फंस जाएं लोग
प्राधिकरण ने अपनी ओर से जारी विज्ञप्ति में जो भाषा प्रयोग की है और अधिकारियों के वादे और दावों कई संशय पैदा कर रहे हैं। कानून के जानकारों का मानना है कि प्राधिकरण को इस भाषा को और स्पष्ट करना चाहिए। प्राधिकरण के सचिव का इस संबंध में कहना है कि लोगों को डरने की जरूरत नहीं है। सूची में शामिल कॉलोनियों में ध्वस्तीकरण जैसी कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। ये कदम केवल भविष्य में आगाह करने के लिए उठाए गए हैं ताकि लोग अब अवैध खरीद-फरोख्त न करें।
गजरौला क्षेत्र में विकसित हो रहीं इन कॉलोनियों को एमडीए ने माना अवैध
- विजयकुमार टंडन, जवाहर नगर गजरौला
- सुरेंद्र औलख जवाहर नगर गजरौला
- अरविंद चौधरी, हाईवे रोड, गजरौला
- हरीश कालरा, हाईवे रोड, गजरौला
- विरेंद्र नागर धनौरा रोड, गजरौला
- अरविंद चौधरी, चिंद्रका सिनेमा हॉल, गजरौला
- वेदपाल सिंह, हाईवे रोड, भानपुर, गजरौला
- फ्रैंड्स कॉलोनी, मीर साहब, गजरौला
- अतर सिंह, गंग नगर
- कृपाल सिंह, डिग्री कॉलेज के पीछे
- अशोक बंसल आदि पक्का पुल, गजरौला