फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दो माह बाद भी लक्ष्य का 27 प्रतिशत हुई गेहूं की खरीद

विज्ञापन
विज्ञापन
जिले में इस बार गेहूं की खरीद बहुत धीमी गति से हो रही है। दो माह बाद भी लक्ष्य की तुलना में मात्र 27.08 प्रतिशत गेहूं की खरीद हो पाई है, जबकि जिले में रबी विपणन वर्ष 2022- 23 में मूल्य समर्थन योजना के तहत 57 केंद्रों पर गेहूं की खरीद की जा रही है।
विज्ञापन

जिले में एक अप्रैल से गेहूं की खरीद की जा रही है। यह खरीद 29 जून तक होगी। इस प्रकार से अब तक दो माह का समय बीत चुका है, लेकिन किसान क्रय केंद्रों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। दो माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी खरीद केंद्रों तक किसानों के नहीं पहुंचने से विभाग की चिंता बढ़ गई है। हालांकि जब से केंद्र सरकार ने गेहूं के निर्यात पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है तब से क्रय केंद्रों पर गेहूं खरीद ने कुछ गति पकड़ी है। इस बार जिले में 72000 एमटी गेहूं खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिले में गेहूं खरीद के लिए विभिन्न एजेंसियों के 57 क्रय केंद्र खोले गए हैं। इसमें खाद्य विभाग के 13, पीसीएफ के 37, पीसीयू के पांच, नेकाफ तथा भारतीय खाद्य निगम के एक-एक केंद्र शामिल हैं। खाद्य विभाग के अनुसार पूरे जिले में इन्हीं केंद्रों पर गेहूं खरीद की जा रही है। नगर में खाद्य विभाग व एफसीआई के एक-एक केंद्र खोले गए हैं। लोगों का कहना है कि केंद्र सरकार ने गेहूं के निर्यात पर रोक लगा दी है, लेकिन इसका कोई खास असर किसानों पर नहीं पड़ रहा है। किसान अभी भी अपने गांवों व आसपास के व्यापारियों को गेहूं बेच रहे हैं। जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी धनंजय सिंह का कहना है कि अब किसान क्रय केंद्रों तक पहुंच रहे हैं। गेहूं खरीद ने कुछ गति पकड़ी है। अब तक 5,149 किसानों ने अपना गेहूं क्रय केंद्रों पर बेचा है। इनमें से 4,857 किसानों को गेहूं का भुगतान किया जा चुका है। साथ ही 292 किसानों का भुगतान अभी लंबित है। खरीद की तुलना में किसानों को अब तक 94.28 प्रतिशत भुगतान किया जा चुका है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें