दान पात्र की ओर से जाने वाले मार्ग से मात्र विशिष्ट दर्शनार्थियों का ही प्रवेश का निर्णय है। सुरक्षा की दृष्टिगत समस्त वाहनों को पचास मीटर पहले ही रोका जाना है। कोतवाली मार्ग, पुरानी वीआईपी मार्ग, न्यू वीआईपी मार्ग व पक्काघाट मार्ग पर यह व्यवस्था लागू रहेगी।
पूरी व्यवस्था ट्रायल के तौर पर तीन दिन चलाने का निर्णय लिया गया। इस दौरान पंडा समाज के अध्यक्ष पंकज द्विवेदी, मंत्री भानु पाठक, व्यवस्था प्रमुख गुंजन मिश्र, पूर्व अध्यक्ष राजन पाठक, केदार भंडारी, अजय दुबे, थाना प्रभारी शैलेश राय, मन्दिर सुरक्षा प्रभारी रवींद्र यादव, मंदिर चौकी प्रभारी इंभूषण मिश्र इत्यादि लोग मौजूद रहे।
मां विंध्यवासिनी मंदिर परिसर में नई व्यवस्था के ट्रायल के पहले ही दिन उस समय विरोध शुरू हो गया जब मां विंध्यवासिनी मंदिर दान पात्र की ओर से एक लाइन वीआईपी के लिए निर्धारित की गई। इसी मार्ग से तीर्थ पुरोहित अपने जजमान को लेकर जाते हैं।
ट्रायल के दावे के बावजूद पहले ही दिन तीर्थ पुरोहित अमित पांडेय अपने कुछ समर्थकों के साथ इसका विरोध करते हुए पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारे लगाने लगे। दीवार पर चस्पा गाइडलाइन संबंधी कागज भी फाड़ दिया। बाद में वीआईपी के निर्धारित मार्ग पर वे धरने पर बैठ गए। इसकी जानकारी उच्च अधिकारियों को दी गई।
सिटी मजिस्ट्रेट विनय कुमार सिंह व सीओ सिटी सदर प्रभात राय सहित श्री विंध्य पंडा समाज के पदाधिकारियों ने इस मुद्दे पर एक बार फिर बैठक की। बैठक के बाद स्पष्ट किया गया कि जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन की ओर से तीन दिवसीय ट्रायल किया जा रहा है। अगर ट्रायल से सुविधा होती है तो ठीक अव्यवस्था फैलने पर पुरानी व्यवस्था लागू कर दी जाएगी।