स्वतंत्रता संग्राम सेनानी विश्राम सिंह राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में शनिवार को प्रदेश सरकार की तरफ से चलाए जा रहे मिशन शक्ति के तहत पंचायती राज में महिलाओं की भूमिका विषय पर संगोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम संयोजक डॉ.प्रभात कुमार सिंह ने कहा कि वैदिक काल से लेकर आज तक महिलाओं की भूमिका सभी क्षेत्रों में अग्रणी रही है।
संगोष्ठी का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ अशर्फी लाल ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पूजन कर किया। विषय प्रवर्तन करते हुए मिशन शक्ति कार्यक्रम के संयोजक डॉ प्रभात कुमार सिंह ने कहा कि वैदिक काल से लेकर आज तक महिलाओं की भूमिका सभी क्षेत्रों में अग्रणी एवं महत्वपूर्ण रही है। आज भी वे समाज में विविध रूपों में अपना महत्वपूर्ण योगदान प्रदान कर रही हैं। इसी उद्देश्य को पूर्ण करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार मिशन शक्ति योजना संचालित कर रही है। संगोष्ठी के मुख्य वक्ता डॉ. राजकिशोर पांडेय ने कहा कि 73वें संविधान संशोधन के जरिए पंचायती राज में महिलाओं की 33 प्रतिशत भूमिका तय की गई, जो कि विविध रूपों में ग्राम प्रधान, ब्लॉक प्रमुख, जिला पंचायत सदस्य के रूप में अपनी भूमिकाएं पूर्ण उत्साह के साथ निर्वहन कर रही हैं। महिलाओं की भूमिका समाज के लिए सुखद एवं अनुकरणीय है। अध्यक्षता कर रहे महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ अशर्फीलाल ने कहा कि महिलाएं सर्वदा अपनी भूमिका के जरिए समाज को महत्वपूर्ण योगदान प्रदान करती रही हैं। संचालन मिशन शक्ति के संयोजक डॉ प्रभात कुमार सिंह एवं धन्यवाद ज्ञापन सह संयोजक डॉ. शेफालिका राय ने किया। इस अवसर पर महाविद्यालय ेक सभी प्राध्यापक, कर्मचारी एवं विद्यार्थी मौजूद रहे।