गंगा के वीरान तटवर्ती इलाके आने वाले कुछ वर्षों में बागों से हरे-भरे होंगे। उद्यान विभाग की ओर से न सिर्फ इसकी तैयारियां शुरू कर दी गयी हैं। बल्कि इस योजना को प्रोत्साहित करते हुए विभाग की ओर से किसानों का चयन भी कर लिया गया है।
छानबे, कोन, सिटी, पहाड़ी, सीखड़, मझवां, नरायनपुर विकास खंड में 113 गांव चयनित कर 100 हेक्टेयर गंगा के तटवर्ती इलाकों में बागवानी कराई जाएगी। छानबे विकास खंड के बिरोही के पास एक नर्सरी की भी स्थापना कराई गयी है। योजना प्रभारी पुष्पेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि बागवानी में किसानों की ओर से स्वयं के व्यय पर फलदार वृक्ष का रोपण किया जाएगा। इसके लिए 113 किसान चयनित किए जा चुके हैं। बागवानी में आम, अमरुद, नींबू, मौसमी, अनार सहित अन्य फलदार व छायादार पौधे रोपे जाएंगे। बाग की रोपाई करने के बाद उसे घेर कर देखभाल करने वाले किसानों को उद्यान विभाग की ओर से जोत व जीवित पौधों के आधार पर अनुदान की धनराशि उनके खाते में भेजी जाएगी। बताया जा रहा है कि बागवानी से गंगा के किनारे पेड़ लगाने से जहां मिट्टी का कटान रुकेेगा वहीं गांव व क्षेत्र प्रदूषण मुक्त होंगे। साथ ही पर्याप्त मात्रा में आक्सीजन का उत्सर्जन होगा। योजना प्रभारी त्रिपाठी ने बताया कि इससे रोजगार का भी सृजन होगा।