इस अवसर पर जीएमआर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी संजीव कुमार, परियोजना निदेशक राजसिंह टाक, परियोजना प्रबंधक देवेंद्र कुमार शर्मा, मुख्य परियोजना प्रबंधक पूर्णानंद झा, एआईए एल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी दलजीत सिंह मौजूद रहे। गौरतलब है कि डेडिकेटेड फ्रेट कॉर्रिडोर देश के परिवहन क्षेत्र में सुधार करेगा और भारतीय रेलवे की क्षमता में बढ़ोतरी करेगा।
इस मार्ग पर मालगाड़ियों का निर्बाध परिवहन हो सकेगा। डेडिकेटेड रेल मार्ग के निर्माण के बाद बहुत सी माल गाड़ियां इस पर स्थानांतरित कर दी जाएंगी। इससे खाली हुए मार्गों पर यात्री ट्रेनों का संचालन सुगमता से होगा। डेडिकेटेड फ्रेट कॉर्रिडोर रेल लाइन को भारतीय रेलवे की लाइनों की तुलना में अधिक भार उठाने के लिए डिजाइन किया गया है।
विश्व स्तरीय तकनीक से हो रहा निर्माण
डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर उच्च गति और उच्च क्षमता वाले विश्वस्तरीय तकनीक के अनुसार बनाया जाने वाला रेलमार्ग है। इसे विशेष तौर पर माल एवं वस्तुओं के परिवहन हेतु बनाया जा रहा है। इस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर पंजाब के लुधियाना से होकर पश्चिम बंगाल के दानकुनि तक बन रहा है। वहीं, ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के मार्ग में कोयला खदानें, थर्मल पॉवर प्लांट और औद्योगिक शहर मौजूद हैं। इसके मार्ग में पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार शामिल हैं। इस परियोजना का अधिकांश हिस्सा विश्व बैंक द्वारा वित्तपोषित हैं।