नगर के पटेल चौराहे से दोमुहिया तक सड़क को सौ करोड़ रुपये की लागत हाईवे की तर्ज पर बनाने का प्रस्ताव अधर में लटक गया है। इसके लिए पहले तो योजना तैयार की जा रही थी लेकिन अब यह योजना ठंडे बस्ते में है। यह सड़क इस प्रकार बनाने की योजना थी कि वाहन तेज गति से फर्राटा भर सकें और पैदल चलने वालों को भी कोई परेशानी नहीं हो।
भरूहना स्थित पटेल चौराहा से दोमुहिया मार्ग की लंबाई पांच किलोमीटर की है। भरूहना चौराहे पर वाराणसी, प्रयागराज व सोनभद्र से आने जाने वाले मार्ग मिलते हैं। इसके साथ ही यह सड़क दोमुहिया से आगे जाकर भटौली- बरैनी पुल से भी मिल जाती है। जो कि सीधे कछवां निकलते हुए वाराणसी मार्ग पर मिल जाती है। इसलिए इसकी उपयोगिता व्यवसायिक दृष्टि से भी अधिक है। इस मार्ग के महत्व को देखते हुए पूर्व में भी भरूहना से दो मुहिया तक की सड़क चौड़ी बनाने की योजना बनी थी। उसके लिए सड़क के दोनों ओर की मापी भी कराई गई थी। इसके बाद अटल चौराहे का काम तो पूरा हुआ लेकिन इस सड़क का चौड़ीकरण व सुंदरीकरण का काम रुक गया। इस वर्ष जनवरी व फरवरी माह में लोक निर्माण विभाग ने इसके लिए फिर से योजना बनानी शुरू की थी लेकिन लगता है कि वह अब फिर से लटक गई है।
वन वे होगा यह मार्ग
मिर्जापुर। इस सड़क की डिजाइन हाईवे की तरह बनाई गई है। इस सड़क के प्रारूप के अनुसार सड़क के एक तरफ की चौड़ाई साढ़े सात मीटर की रखने की बात थी। कहा जा रहा था कि इसमें बड़ी आसानी से एक साथ दो- तीन वाहन फर्राटा भरते हुए निकल सकते हैं। पूरा मार्ग वन वे होना था। बीच में चौराहों पर आवागमन के लिए कट होगा। इसके साथ ही सड़क की दोनों तरफ एक मीटर चौड़ाई का पाथवे बनना था। इसके नीचे अंडरग्राउंड नाले की व्यवस्था थी। इसके साथ ही तीन मीटर की सर्विस लेन और उसके नीचे यूटीलिटी डक्ट की व्यवस्था होनी थी। इसमें बिजली के तार और आप्टिकल फाइबर तार ले जाए जाते। इसके साथ ही रोड के बीचोबीच एक मीटर 25 सेमी का डिवाइडर का निर्माण होना था जिसके बीच पौधे लगाए जाने थे।
लंदन लाइट लगाने की थी योजना
मिर्जापुर। जब सड़क की योजना बनी थी तो लोक निर्माण विभाग का कहना था कि यह पूरा मार्ग रात में लंदन लाइट से रोशन होगा। प्रत्येक तीस मीटर पर एक पोल लगाया जाएगा। एक पोल की लागत लगभग तीन लाख रुपये होगी। पूरे पांच किलोमीटर के मार्ग पर 150 पोल लगाए जाएंगे। इसकी तेज रोशनी से पूरा मार्ग जगमग करेगा। यदि यह कार्य पूरा हो जाता है तो यह जिले में अपने तरह का मार्ग होगा। लोक निर्माण विभाग के तत्कालीन अधिशासी अभियंता कन्हैया झा ने इसको बेहतर प्रोजेक्ट बताते हुए इसकी रूपरेखा तैयार कर लेने की बात कही थी।
चौड़ीकरण की जद में आने वाले भवन मालिकों को मिलेगा मुआवजा
मिर्जापुर। हालांकि इस मार्ग पर काफी दूर तक दो पटरियों पर पर्याप्त खाली जगह है लेकिन शासन के निर्देशानुसार यदि इस मार्ग के चौड़ीकरण में कोई निर्माण आता है तो उसके लिए संबंधित को नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा। यह सब इसी सौ करोड़ में ही होगा।
कोट
वन विभाग की अनापत्ति प्रमाणपत्र की वजह से प्रस्ताव रुका था। अब एनओसी मिल गई है। प्रस्ताव को मुख्य अभियंता कार्यालय भेज दिया गया है। इसके बाद शासन की स्वीकृति और बजट मंजूर होने के बाद कार्य शुरू होगा।-मिथिलेश कुमार, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग