विसुंदरपुर स्थित आदर्श इंटर कॉलेज के परिसर में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह में बैठे वर वधू ।
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मिर्जापुर। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत बृहस्पतिवार को सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन विसुंदरपुर स्थित आदर्श इंटर कॉलेज में किया गया। इस अवसर पर 79 जोड़ों का विवाह कराया गया। इनमें तीन मुस्लिम जोड़े भी थे, जिनका निकाह पढ़ाया गया। गेट से घुसते ही लोगों का स्वागत ढोल व नगाड़े से किया गया। जिले के सभी विकास खंड से लाभार्थियों का चयन किया गया था। नगर विधायक रत्नाकर मिश्रा, मझंवा विधायक शुचिस्मिता मौर्य, जिलाधिकारी प्रवीण कुमार लक्षकार, मुख्य विकास अधिकारी श्रीलक्ष्मी वीएस एवं जिला समाज कल्याण अधिकारी गिरीश चंद दुबे ने वर-वधू को आशीर्वाद दिया। नगर विधायक ने कहा कि उन्होंने भी मां विंध्यवासिनी के दरबार में सादगीपूर्ण रूप से शादी की थी। कहा कि दहेज प्रथा सामाजिक बुराई है, जिसका उन्मूलन जरूरी है। उन्होंने कहा कि कन्या पैदा होने से अर्थात सुमंगला योजना से लेकर उसके विवाह तक सामूहिक मुख्यमंत्री विवाह योजना द्वारा लड़कियों के समग्र विकास पर बल दिया जा रहा है। मझवां विधायक शुचिस्मिता मौर्य ने कहा कि सरकार मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना से दहेज प्रथा एवं भ्रूण हत्या जैसी सामाजिक कुरीतियों को तोड़कर आर्थिक असमानता की खाई को पाटते हुए आगे बढ़ रही है। जिलाधिकारी प्रवीण कुमार लक्षकार ने कहा कि इस योजना से दहेज प्रथा एवं भ्रूण हत्या जैसी कुरीतियां खत्म हो रही हैं। मुख्य विकास अधिकारी श्रीलक्ष्मी वीएस ने कहा कि इस तरह के सामूहिक विवाह सामाजिक प्रतिमान स्थापित करते हैं। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष राजू कन्नौजिया, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जिलाध्यक्ष अपना दल राम लौटन बिन्द, व उदय पटेल, चन्द्राशू गोयल, के आलावा सभी खंड विकास अधिकारी, जिला पिछड़ा कल्याण अधिकारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
19 वेदी पर हुआ विवाह
सामूहिक विवाह के लिए वैसे तो 26 वेदी बनवाई गईं थीं। लेकिन विवाह 19 पर ही हुआ। एक वेदी पर चार जोड़ों का विवाह कराया गया। आवेदन लगभग सौ के आसपास आ गए थे। उसी के अनुसार तैयारी की गई थी लेकिन कुछ लोग पात्रता में छंट गए और कुछ आ नहीं सके। विवाह कराने के लिए 11 पुरोहित बुलाए गए। उनमें से एक मुख्य पुरोहित थे जो ध्वनि विस्तारक यंत्र से लोगों को कर्मकांड का निर्देश देते रहे।
एक जोड़े पर खर्च हुए 51 हजार
जिला समाज कल्याण अधिकारी गिरीश चंद्र दुबे ने बताया कि दहेज प्रथा, भ्रूण हत्या, आर्थिक असमानता एवं दिखावे की परंपरा को समाप्त करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना एक सकारात्मक कदम है। इस योजना के अंतर्गत एक जोड़े के लिए 51 हजार रुपये का बजट निर्धारित है। इसमें 35 हजार रुपये कन्या के बैंक खाते में अंतरित की किया जाता है तथा विवाह संस्कार के लिए आवश्यक सामग्री के लिए छह हजार रुपये तथा 10 हजार रुपये का सामान दिया जाता है। इसमें एक बड़ा संदूक, कुकर, गैस चूल्हा, मोबाइल, डिनर सेट, मच्छरदानी, टार्च, सीलिंग पंखा, बिछिया व पायल शामिल है।
सामान्य का मात्र एक जोड़ा
इस सामूहिक विवाह में भी आरक्षण का पूरा ध्यान रखा गया। हालांकि 79 जोड़ों में सामान्य वर्ग का केवल एक ही जोड़ा शामिल था। अनुसूचित जाति के 49, ओबीसी के 25, अल्पसंख्यक तीन तथा अनुसूचित जनजाति का एक जोड़ा इस विवाह में शामिल था। सभी लाभार्थी विकासखंडों से चयनित होकर आए थे।