मिर्जापुर। नगर में रीवैंप योजना के प्रस्तावित कार्यों की प्रगति काफी धीमी है। अभी तक सिर्फ 30 प्रतिशत ही काम हो पाए हैं। स्थिति यह है कि जिले के 8000 बिजली के पोल में से अभी तक 4002 ही बदले जा सके हैं।
नगर क्षेत्र में रीवैंप योजना के तहत कई काम कराए जाने हैं। सभी कार्यों की प्रगति धीमी है। इसके तहत 11 केवी की 2810 लाइनें बनाई जानी थीं, लेकिन अभी तक मात्र 619 लाइनें ही बन सकी हैं। इसी प्रकार 33 केवी की 202 लाइनें बनाई जानी थीं, लेकिन उसमें 54 लाइनें ही बनाई जा सकी हैं। इसी प्रकार 11 केवीए के 281 किमी तार लगाए जाने थे, लेकिन उसमें भी अभी तक मात्र 107 किमी तार ही लगाए जा सके हैं। विद्युत वितरण खंड द्वितीय के अधिशासी अभियंता मनीष कुमार का कहना है कि प्रगति धीमी तो है लेकिन काम कराए जा रहे हैं। इसकी लगातार निगरानी की जा रही है। उधर, विद्युत वितरण खंड द्वितीय में अब डाग तारों की जगह पैंथर तार लगाए जा रहे हैं, जो ज्यादा मजबूत और टिकाऊ हैं। इससे स्पार्किंग व टूटने की समस्या लगभग नहीं के बराबर होती है। इससे ब्रेकडाउन भी कम होगा।