नवरात्र में वाराणसी से विंध्याचल के लिए रोडवेज की 80 बसें चलाई जाएंगी। इसमें वाराणसी और मिर्जापुर की बसें शामिल हैं। भोर में तीन बजे से ही बसें मिलने लगेंगी। बस में जैसे ही 25 यात्री सवार होंगे, वैसे ही विंध्याचल रवाना हो जाएगी। रात में यात्रियों की भीड़ उमड़ती है। जरूरत के हिसाब से अतिरिक्त बसें चलाई जाएंगी। इसके लिए 20 बसें रिजर्व रखी गई हैं। एआरएम ग्रामीण वीके श्रीवास्तव ने बताया कि मिर्जापुर और वाराणसी डिपो की बसें विंध्याचल रूट पर लगाई गई हैं।
नवरात्र के दौरान मां विंध्यवासिनी मंदिर का कपाट नौ दिनों के लिए 24 घंटे खुला रहता है। माता के चारों प्रहर की आरती के बाबत मात्र एक-एक घंटे के लिए कपाट बंद किया जाता है। आरती के पश्चात पुनः मंदिर का कपाट आम श्रद्धालुओं के दर्शन-पूजन के लिए खोल दिया जाता है। श्री विंध्य पंडा समाज के अध्यक्ष पंकज द्विवेदी ने बताया कि नवरात्र के दौरान सिर्फ चारों प्रहर की आरती के लिए एक-एक घंटे मां का कपाट बंद रहेगा।